डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एआईएमएस), मोहाली की ओर से सनेटा स्थित ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र में ‘पोषण मेला-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आयोजित किया गया।

इस बार पोषण मेले की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई। कार्यक्रम के जरिए लोगों को जीवन के अलग-अलग चरणों में सही पोषण की जरूरत और संतुलित आहार के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही स्थानीय और कम खर्च में उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने के लिए जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पोषण विशेषज्ञ और विभिन्न संस्थानों के आहार एवं पोषण विषय के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सरकारी सेकेंडरी स्कूल सनेटा के 9वीं कक्षा के विद्यार्थी भी शिक्षकों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे।

एआईएमएस मोहाली के निदेशक-प्राचार्य डॉ. नवदीप सिंह सैनी ने पोषण को बीमारियों की रोकथाम का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की जिम्मेदारी केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को सही खान-पान के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है, ताकि स्वस्थ आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. निवेधिका राय, सहायक प्रोफेसर, चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजिज, लांडरां ने किशोरावस्था, गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान जरूरी पोषण से संबंधित जानकारी साझा की।

वहीं डॉ. अक्षय कुमार, सामुदायिक चिकित्सा विभाग, एआईएमएस मोहाली ने एनीमिया को लेकर जागरूकता सत्र लिया। उन्होंने अलग-अलग उम्र और जीवन के चरणों में एनीमिया से बचाव, समय पर जांच और उचित उपचार की जरूरत पर जोर दिया।

नुक्कड़ नाटक के जरिए दिया पोषण का संदेश

मेले में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और एमबीबीएस प्रशिक्षु डॉक्टरों ने नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया। इसके जरिए आम लोगों को पोषण से जुड़े जरूरी संदेश आसान भाषा में समझाए गए।

इसके अलावा आहार एवं पोषण के विद्यार्थियों ने कई जानकारीपरक स्टॉल लगाए। इनमें बच्चों के पूरक आहार, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए संतुलित भोजन, सही मात्रा में भोजन लेने, कम लागत में पौष्टिक खाना तैयार करने और पारंपरिक भोजन से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई।

‘नानी की रसोई’ स्टॉल पर पारंपरिक और पौष्टिक भोजन को लेकर जानकारी दी गई, जबकि ‘अपने शरीर को जानें’ स्टॉल पर लोगों की लंबाई, वजन, बीएमआई और कमर की परिधि की जांच की गई। जांच के आधार पर लोगों को व्यक्तिगत पोषण संबंधी सलाह भी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक चिकित्सा विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अमृत कौर विर्क सहित विभाग के अन्य संकाय सदस्यों और आहार पर्यवेक्षक डॉ. आभा आनंद ने भी भाग लिया।

पोषण मेले के जरिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, विशेषज्ञों, विद्यार्थियों और आम लोगों को एक मंच पर लाकर स्वस्थ जीवनशैली और बेहतर पोषण का संदेश दिया गया।

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