मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्रीमद् भागवत कथा को आत्मिक कल्याण और जीवन को सही दिशा देने वाली पवित्र यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथ और संतों के विचार समाज को अच्छे संस्कार और सकारात्मक सोच की प्रेरणा देते हैं।
मुख्य बातें:
- युवाओं को न/शे से दूर रहने की अपील
- शिक्षा और खेलों पर ध्यान देने का संदेश
- कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने पर जोर
- संतों और महापुरुषों के विचारों को आगे बढ़ाने की बात
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न/शे से दूर रहकर शिक्षा, खेलकूद, कौशल विकास और सामाजिक कार्यों में आगे बढ़ें। इससे वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने के साथ देश के विकास में भी योगदान दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार संतों और महापुरुषों के विचारों को लोगों तक पहुंचाने तथा सनातन संस्कृति की अच्छी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन लोगों को जीवन के मूल्यों, संस्कारों और सही रास्ते की सीख देते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अनुशासन और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा देश की ताकत हैं और उनकी सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में होना चाहिए।


