kharar  के City of Dreams-2 प्रोजेक्ट से जुड़े विवाद में पत्रकार श्रमित चौधरी की कानूनी लड़ाई अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। State Consumer Disputes Redressal Commission, Chandigarh ने CREDO Assets Private Limited के Managing Director के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी करने का आदेश दिया है।

यह मामला Execution Application No. SC/4/EA/22/2026, जो Consumer Complaint No. 44 of 2025 से संबंधित है, में 24 सितंबर 2026 को हुई सुनवाई से जुड़ा है।

पहले जारी वारंट की नहीं हो सकी तामील

आयोग के आदेश के अनुसार, इससे पहले जारी किए गए जमानती वारंट की तामील नहीं हो सकी। रिपोर्ट में बताया गया कि अमनदीप सिंगला दिए गए पते पर नहीं मिले और जानकारी दी गई कि वह बाहर गए हुए हैं।

इसके बाद आयोग ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।

चंडीगढ़ पुलिस को गिरफ्तारी के निर्देश

आयोग ने निर्देश दिया है कि गैर-जमानती वारंट की तामील Senior Superintendent of Police, Chandigarh के माध्यम से कराई जाए। इसके लिए DSP रैंक से नीचे के अधिकारी को तैनात नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद अमनदीप सिंगला को तत्काल आयोग के समक्ष पेश किया जाना है। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है।

क्या है पूरा मामला?

इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि में 31 दिसंबर 2025 को State Consumer Disputes Redressal Commission द्वारा दिया गया फैसला है। आयोग ने City of Dreams प्रोजेक्ट से संबंधित 8 Consumer Complaints (43/2025 से 50/2025) का एक साथ निपटारा किया था।

इनमें Complaint No. 44/2025 में श्रमित चौधरी और रंजना कुमारी शिकायतकर्ता थे।

शिकायतों में Occupancy Certificate, open surface parking, maintenance charges और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे।

Parking और Maintenance Charges पर भी आदेश

आयोग ने अपने फैसले में कहा था कि संबंधित समझौतों में एक open on-surface parking उपलब्ध कराने का प्रावधान था। आयोग के अनुसार इसे उपलब्ध नहीं कराना service deficiency और unfair trade practice के दायरे में आता है।

आयोग ने शिकायतकर्ताओं से पहले लिए गए maintenance charges का 30 प्रतिशत refund करने का निर्देश दिया था। साथ ही Occupancy Certificate और निर्धारित open parking उपलब्ध होने तक आगे 70 प्रतिशत maintenance charges लेने का प्रावधान किया गया था।

इसके अलावा प्रत्येक मामले में ₹75,000 compensation और ₹35,000 litigation cost देने का आदेश दिया गया था। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर इन राशियों पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का प्रावधान किया गया था।

तीन महीने में Occupancy Certificate और Parking देने का आदेश

आयोग ने संबंधित पक्षों को तीन महीने के भीतर open surface parking उपलब्ध कराने, seepage और cracks जैसे दोषों को ठीक करने तथा Occupancy Certificate प्राप्त करने के निर्देश दिए थे।

आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में संबंधित शिकायतकर्ताओं को जमा रकम पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के हिसाब से compensation देने का निर्देश भी दिया गया था।

अब 24 सितंबर 2026 के ताजा execution order में पहले जारी जमानती वारंट की तामील नहीं होने के बाद अमनदीप सिंगला के खिलाफ Non-Bailable Warrant जारी किया गया है।

मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को होगी।

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