पंजाब सरकार ने दुकानदारों को दिवाली का तोहफा देते हुए ‘मेरी दुकान, मेरे नाम’ योजना शुरू की है। इसके तहत नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों की दुकानों पर लंबे समय से किराये या लीज पर कारोबार कर रहे पात्र दुकानदार मालिकाना हक पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि जिन दुकानदारों के पास 1 अप्रैल 2020 से पहले लगातार 12 साल का कानूनी कब्जा होने का प्रमाण है, वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन संबंधित नगर निगम और नगर परिषद कार्यालयों में 6 नवंबर 2026 तक जमा किए जा सकेंगे।

योजना के तहत 50 वर्ग मीटर से छोटी दुकानों के लिए रियायती दरें तय की गई हैं। सालाना 3 लाख रुपये से कम आय वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवेदकों को कलेक्टर रेट का 12.5 प्रतिशत देना होगा। 3 से 8 लाख रुपये आय वर्ग के लिए 25 प्रतिशत, 8 से 15 लाख रुपये आय वर्ग के लिए 50 प्रतिशत और 15 लाख रुपये से अधिक आय वालों के लिए 100 प्रतिशत दर लागू होगी।

आवेदनों की जांच एसडीएम स्तर की समिति करेगी, जबकि कीमत तय करने का काम डीसी स्तर की समिति करेगी। इसके बाद संबंधित स्थानीय निकाय प्रस्ताव पारित करेंगे।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि उप-किरायेदारों और पार्कों, सड़कों या सार्वजनिक सुविधाओं वाली जगहों पर कब्जा करने वालों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आवेदन के लिए जीएसटी प्रमाणपत्र, बिजली बिल और वोटर कार्ड जैसे दस्तावेज मान्य होंगे।

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