पंजाब के मानसा में परमिंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े गो/ली मा/रकर ह//त्या के मामले में रोष जताने और पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे मनप्रीत सिंह अयाली को जगराओं पुलिस ने हलवारा चौक पर रोककर हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और अयाली के बीच काफी देर तक बहस हुई। बाद में पुलिस उन्हें और उनके साथियों को सरकारी गाड़ियों में बैठाकर रायकोट ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
जानकारी के मुताबिक, मनप्रीत सिंह अयाली अपने समर्थकों के साथ मानसा के लिए रवाना हुए थे। वह परमिंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात कर शोक व्यक्त करना चाहते थे। जैसे ही उनका काफिला हलवारा चौक के पास पहुंचा, जगराओं पुलिस ने पहले से की गई नाकाबंदी के जरिए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए उन्हें मानसा जाने की अनुमति नहीं दी और हिरासत में ले लिया।
लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का लगाया आरोप
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रासत में लिए जाने के बाद मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि वह जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं देना चाहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों के हक और इंसाफ की लड़ाई में वह नहीं चाहते कि आम राहगीरों को उनकी वजह से कोई दिक्कत हो।
अयाली ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब अन्य राजनीतिक दलों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मानसा पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिल रहे हैं, तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की कार्रवाई उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित कर रही है।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था का दिया हवाला
वहीं, पुलिस का कहना है कि इलाके में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर यह कदम उठाया गया। फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।


