मानसा में न/शा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को व्यक्तिगत रंजिश बताने वाले बयान पर कांग्रेस नेता विजय इंदर सिंगला ने पंजाब सरकार को घेरा। न/शे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा और राज्य में चि/ट्टे की उपलब्धता को लेकर उठाए सवाल।

चंडीगढ़/मानसा: पंजाब के मानसा में न/शा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश की आशंका जताए जाने के बाद कांग्रेस नेता विजय इंदर सिंगला ने इस बयान को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधा है।

विपक्ष का आरोप है कि सरकार नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही है। कांग्रेस नेता ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब में न/शे की समस्या और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

हरपाल चीमा ने क्या कहा था?

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को कहा था कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, परविंदर सिंह झोटा और आ/रोपी मेडिकल स्टोर संचालक के बीच पुराना विवाद था। उन्होंने ह/त्या की निंदा करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है। चीमा ने व्यक्तिगत रंजिश की घटना को सीधे कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए।

इसी बयान को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि ह/त्या के पीछे की वजह का अंतिम निर्धारण जांच से होना चाहिए, लेकिन इस घटना के साथ न/शे की अवैध बिक्री और उसे रोकने के लिए प्रशासन की कार्रवाई जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं।

फेसबुक लाइव के दौरान हुई थी झोटा की ह/त्या

परविंदर सिंह झोटा मानसा में न/शी/ले पदार्थों की कथित अ/वैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। मंगलवार को एक मेडिकल स्टोर संचालक के साथ बहस के दौरान उन्हें गो/ली मा/र दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। गो/लीबारी में उनका एक साथी भी घायल हुआ।

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी में आ/रोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार के साथ पुराने वि/वाद का पहलू भी सामने आया था

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