हरियाणा सरकार ने धान की पराली जलाने से रोकने के लिए गांव स्तर पर निगरानी बढ़ा दी है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश में 8,535 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं और सभी जिलों में पराली सुरक्षा बल बनाए गए हैं। केंद्र सरकार ने हरियाणा के प्रयासों की सराहना की है।
कृषि मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फसल अवशेष प्रबंधन पर आयोजित केंद्रीय बैठक में राज्य की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने के साथ आधुनिक कृषि मशीनें और आर्थिक मदद भी दी जा रही है।
प्रदेश में पराली प्रबंधन के लिए 66,050 मशीनें उपलब्ध हैं। धान के खेतों में अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। धान की सीधी बिजाई करने पर 4,500 रुपये और वैकल्पिक फसलें उगाने पर 8,000 से 10,000 रुपये प्रति एकड़ तक सहायता दी जाती है।
निगरानी के लिए 20 ड्रोन तैनात किए गए हैं और 30 अतिरिक्त ड्रोन जल्द लगाए जाएंगे। मंत्री ने बताया कि अब तक पराली जलाने की सात घटनाएं सामने आई हैं।
उन्होंने केंद्र से पराली प्रबंधन की प्रोत्साहन राशि में 60 प्रतिशत हिस्सा देने की मांग की। साथ ही किसानों से पराली न जलाने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।


