हरियाणा सरकार अंत्योदय परिवारों को रोजगार से जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि पशुपालन के लिए सस्ता ऋण देने के साथ दूध बेचने पर प्रति लीटर 10 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इससे परिवारों को ऋण चुकाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को रोजगार के नए अवसर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि भैंस खरीदने के लिए पशुपालन विभाग 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी देगा। इसके अलावा वीटा के माध्यम से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलेगी। वीटा इन भैंसों का दूध खरीदेगा। महिला स्वयं सहायता समूहों और अनुसूचित जाति के परिवारों को ब्याज मुक्त ऋण भी दिया जाएगा। सरकार ऋण का ब्याज वहन करेगी।
मुख्यमंत्री ने इस साल 15 हजार भैंसों के लिए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा करने को कहा। साथ ही, एक नवंबर तक 200 नए हर हित स्टोर और 300 नए वीटा बूथ, मिल्क बार तथा सांझा बाजार खोलने के निर्देश दिए।
अधिकारियों के अनुसार, योजना के पहले चरण में 1.35 लाख परिवारों के ऋण मंजूर हुए। दूसरे चरण में 15,159 ऋण आवेदन मिले, जिनमें से 11,687 को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को स्वरोजगार के अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाना है।


