नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ने उसके नेता अभिजीत दिप्के, सौरव दास और अश्वत्थामा रांका को दिल्ली में उनके विमान के उतरने से पहले ही हिरासत में ले लिया। पार्टी ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए तीनों नेताओं को तत्काल और बिना शर्त रिहा करने की मांग की है।
प्रदर्शन से पहले हिरासत में लेने का आरोप
CJP के अनुसार, पार्टी के नेता मुंबई से दिल्ली आ रहे थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया। पार्टी ने दावा किया कि यह कार्रवाई प्रदर्शन को रोकने की योजना का हिस्सा थी।
पार्टी ने अपने बयान में कहा कि इस तरह की कार्रवाई नागरिकों की स्वतंत्र आवाजाही के अधिकार का उल्लंघन है। CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर प्रदर्शन की तैयारी
बताया जा रहा है कि CJP का यह विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त गणेश कुमार से जुड़े चुनावी मुद्दों को लेकर है। पार्टी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मतदाता पंजीकरण क्षेत्रों में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं।
पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी जरूरी है।
चुनावी मुद्दे पर राजनीतिक विवाद
मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के बीच भी विवाद जारी है। राहुल गांधी सहित विपक्ष के कुछ नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की है।
हालांकि, इन राजनीतिक मांगों और CJP के आरोपों को अलग-अलग समझना जरूरी है।


