पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जालंधर में एक पटवारी और उसके निजी एजेंट को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गि/र/फ्तार किया है। आरोपियों की पहचान पटवारी विश्वजीत सिंह और निजी एजेंट राकेश कुमार उर्फ सोनू के रूप में हुई है।
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, यह कार्रवाई न्यू राजन नगर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने चार मरले का प्लॉट खरीदा था और 23 दिसंबर 2024 को इसकी रजिस्ट्री अपने छोटे भाई उमेश कुमार के नाम करवाई थी। इसके बाद वह जमीन का इंतकाल दर्ज करवाने के लिए पटवारी के पास गया, लेकिन उसका काम लगातार टाला जा रहा था।
शिकायत के मुताबिक, 7 अक्टूबर को पटवारी ने उसे अपने निजी एजेंट राकेश कुमार से मिलने को कहा। एजेंट ने इंतकाल दर्ज करवाने के बदले 5,000 रुपये मांगे। शिकायतकर्ता ने पहले 1,500 रुपये दिए, लेकिन एजेंट ने पूरी रकम अगले दिन लाने को कहा। रिश्वत मांगने से जुड़ी बातचीत भी रिकॉर्ड की गई थी।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो की जालंधर टीम से संपर्क किया। टीम ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में रिश्वत लेते पकड़ लिया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे जांच जारी है।


