हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समाधान शिविरों में आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं को केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए नहीं, बल्कि उनका स्थायी समाधान करने के उद्देश्य से सुना जाए।
एक साल में 55,365 शिकायतों का समाधान
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में समाधान प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में समाधान शिविरों में 92,848 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 55,365 का निपटारा किया गया। करीब 40,000 शिकायतकर्ताओं से फोन पर संपर्क कर समाधान की पुष्टि भी की गई।
दोबारा खुलने वाली शिकायतों पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में 35 प्रतिशत से अधिक शिकायतें दोबारा खोली जा रही हैं, वहां अधिकारी सुधार करें। उपायुक्त और एसडीएम शिकायतों की खुद समीक्षा करें। हर शिविर में जिम्मेदार अधिकारी की तैनाती अनिवार्य होगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
सफाई और सड़कों की मरम्मत पर जोर
मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में सुबह विशेष सफाई अभियान चलाने और सड़कों के गड्ढे भरने के निर्देश दिए। सफाई के नियमों का पालन नहीं करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी। तालाबों से अवैध कब्जे हटाने और शिकायतों के समाधान में तकनीक का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को हर जिले से नई नीतियों के लिए 10 सुझाव भेजने को कहा गया।


