मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका में चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि आयोग के कुछ अहम फैसलों में सत्ता के केंद्रीकरण की स्थिति बनी और कुछ फैसले सभी चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए।
याचिका में दावा किया गया है कि आयोग के दो अन्य सदस्यों ने कुछ फैसलों पर लिखित आपत्ति जताई थी। साथ ही SIR और मतदाता सूची से जुड़े डेटा के इस्तेमाल और केंद्रीकरण पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
Form-6 में हुए बदलाव का भी जिक्र किया गया है, जो पहली बार मतदाता बनने वाले लोगों से जुड़ा है।
याचिकाकर्ता ने इन फैसलों और पूरी प्रक्रिया की न्यायिक जांच की मांग की है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।


