पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने संगरूर जिले के शेरों गांव का दौरा कर किसानों से पराली न जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और लोगों की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए पराली का उचित प्रबंधन जरूरी है।
गांव की पंचायत लाइब्रेरी में नुक्कड़ नाटक के जरिए किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान रीना गुप्ता ने फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) मशीनों की उपलब्धता और उनके इस्तेमाल की जानकारी भी ली।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने पराली के प्रबंधन के लिए खेतों में इस्तेमाल होने वाली और खेतों से बाहर पराली संभालने वाली मशीनें उपलब्ध कराई हैं। गांव में क्लस्टर और नोडल अधिकारी भी तैनात किए गए हैं, ताकि किसानों को जरूरत के अनुसार मशीनें मिल सकें।
बैठक में किसानों ने भरोसा दिलाया कि इस सीजन में शेरों गांव में पराली नहीं जलाई जाएगी। अधिकारियों ने किसानों और प्रशासन से मिलकर काम करने की अपील की।
इसके बाद रीना गुप्ता ने लोहाखेड़ा गांव में पराली से बायोमास पेलेट बनाने वाले प्लांट का निरीक्षण किया। प्लांट संचालकों को निर्देश दिए गए कि पेलेट की आपूर्ति ईंट-भट्ठों को प्राथमिकता से की जाए, ताकि पराली का वैकल्पिक ईंधन के रूप में उपयोग बढ़ सके और प्रदूषण कम करने में मदद मिले।


