केंद्र सरकार की Demography Committee की ओर से राज्यों से Religion-wise Data मांगे जाने पर सवाल उठने लगे हैं। पंजाब सरकार के पूर्व Special Chief Secretary और पूर्व Financial Commissioner (Revenue) कर्ण बीर सिंह सिद्धू ने इस मांग को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से Committee के कामकाज की Review करने की अपील की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, Justice P.P. नावलेकर (Retd.) की अध्यक्षता वाली Committee ने राज्यों को 35 Points की Questionnaire भेजी है। इसमें पिछले 15 वर्षों के Birth, Property Purchase, Vehicle Registration और School Admissions के Religion-wise Data मांगे गए हैं।

इसके अलावा Religious Places की जानकारी, Aadhaar, Voter ID और Ration Card Registration में असामान्य बढ़ोतरी और Scheduled Tribes में Conversion से जुड़ी Reports भी मांगी गई हैं।

Data उपलब्ध नहीं होने पर उठाया सवाल

कर्ण बीर सिंह सिद्धू का कहना है कि कई सरकारी Departments के पास ऐसा Religion-wise Data मौजूद ही नहीं है। उनके अनुसार Property Registration या Vehicle Registration के दौरान आमतौर पर व्यक्ति का Religion दर्ज नहीं किया जाता।

ऐसे में सवाल यह है कि अगर सरकारी Records में यह जानकारी मौजूद नहीं है, तो इसे तैयार कैसे किया जाएगा? सिद्धू का कहना है कि केवल नाम देखकर किसी व्यक्ति का Religion तय करना सही तरीका नहीं है और इससे Privacy और Profiling से जुड़े सवाल पैदा होते हैं।

Privacy को लेकर भी जताई चिंता

सिद्धू ने Supreme Court के Right to Privacy से जुड़े फैसले का हवाला देते हुए कहा कि किसी नागरिक की Personal Information लेने के लिए उचित Legal Basis, स्पष्ट Purpose और Proportionate तरीका होना जरूरी है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति का Religion आखिर कौन तय करेगा। उनका कहना है कि कई Religions के भीतर अलग-अलग Sects और Communities होती हैं। ऐसे में केवल नाम के आधार पर किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान तय करना उचित नहीं माना जा सकता।

Census में पहले से दर्ज होती है Religion की जानकारी

सिद्धू ने कहा कि Census में Religion की जानकारी पहले से Self-Declaration के आधार पर दर्ज की जाती है। Census के दौरान Personal Information की Confidentiality के लिए भी नियम मौजूद हैं।

उनका तर्क है कि जब Census में यह प्रक्रिया पहले से मौजूद है, तो अलग तरीके से इसी तरह का Data जुटाने की जरूरत और उसकी प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

अमित शाह से क्या मांग की?

कर्ण बीर सिंह सिद्धू ने गृह मंत्री अमित शाह से Religion-wise Data से जुड़े सवालों की Review करने की मांग की है। उन्होंने Committee की Questionnaire और उसकी Working Process को Public करने तथा एक Professional Demographer को Committee में शामिल करने की भी अपील की है।

उन्होंने State Governments से कहा है कि अगर उनके पास मांगा गया Religion-wise Data उपलब्ध नहीं है, तो उन्हें अनुमान लगाकर आंकड़े तैयार नहीं करने चाहिए। इसके बजाय सरकार को साफ तौर पर बताया जाना चाहिए कि संबंधित Data उनके Records में मौजूद नहीं है।

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