जालंधर/पंजाब: कांग्रेस नेता राणा गुरजीत सिंह ने अकाली दल में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वह कांग्रेस के साथ ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनका जन्म कांग्रेस परिवार में हुआ है और वह अपनी अंतिम सांस तक कांग्रेस से जुड़े रहना पसंद करेंगे।

राणा गुरजीत ने कहा कि उनके अकाली दल में शामिल होने की खबरें केवल अफवाहें हैं। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी खबर को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।

रविंदर सिंह  के अकाली दल में जाने के बाद शुरू हुई चर्चा

राणा गुरजीत के मुताबिक, कांग्रेस विधायक रविंदर सिंह  के अकाली दल में जाने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें शुरू हुईं। इसी घटनाक्रम के बाद यह चर्चा फैलने लगी कि राणा गुरजीत भी अकाली दल का दामन थाम सकते हैं। उन्होंने इन अटकलों को स्पष्ट रूप से खारिज किया।

परिवार का कांग्रेस से पुराना नाता

राणा गुरजीत ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा हुआ है। उनके पिता भी कांग्रेसी थे और वह स्वयं कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने बेटे की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उनका परिवार भी कांग्रेस की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध है।

उनके बेटे राणा इंदर प्रताप सिंह सुल्तानपुर लोधी से निर्दलीय विधायक हैं। राणा गुरजीत ने उनके राजनीतिक भविष्य और कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ाव को लेकर भी अपनी बात रखी।

2027 के चुनाव को लेकर क्या बोले राणा गुरजीत?

राणा गुरजीत ने कहा कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस की ‘एक परिवार, एक टिकट’ नीति का भी उल्लेख किया और कहा कि वह कांग्रेस के साथ बने रहेंगे तथा पार्टी से ही चुनाव लड़ने के अपने रुख पर कायम हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि राणा इंदर प्रताप सिंह सुल्तानपुर लोधी से दोबारा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचेंगे। हालांकि, यह उनका व्यक्त किया गया विश्वास है, चुनाव परिणाम नहीं।

राणा गुरजीत के इस बयान के बाद अकाली दल में उनके शामिल होने को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने अपना रुख साफ कर दिया है।

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