आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता इस्तेमाल अब दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के रोजगार ढांचे को भी प्रभावित कर रहा है। माइक्रोसॉफ्ट में कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी एग्जिट स्कीम यानी स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने के विकल्प को लेकर चर्चा है। हालांकि, 60 हजार कर्मचारियों को यह ऑफर दिए जाने के दावे की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह की योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने के बदले एकमुश्त भुगतान दिया जा सकता है। भुगतान की राशि कर्मचारी के पद, ग्रेड, सेवा अवधि और कंपनी की निर्धारित शर्तों पर निर्भर कर सकती है।

AI पर बढ़ते निवेश के बीच कर्मचारियों की भूमिका में बदलाव

दुनिया भर की टेक कंपनियां AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और नए डिजिटल सिस्टम पर भारी निवेश कर रही हैं। इस बदलाव के कारण कंपनियां अपने खर्च, कर्मचारियों की संख्या और काम करने के तरीकों की समीक्षा कर रही हैं।

माइक्रोसॉफ्ट भी AI से जुड़े कारोबार और बुनियादी ढांचे में निवेश कर रही है। ऐसे में कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक निकास योजना की खबर ने टेक सेक्टर में रोजगार के भविष्य को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, इस योजना को सीधे तौर पर AI निवेश की भरपाई के लिए लाया गया है, इसकी पुष्टि आधिकारिक बयान के बिना नहीं की जा सकती।

पहले भी हुई थी कर्मचारियों की छंटनी

माइक्रोसॉफ्ट ने 2025 में भी कर्मचारियों की संख्या कम करने के कदम उठाए थे। कंपनी के पुनर्गठन और लागत प्रबंधन से जुड़े फैसलों का असर विभिन्न विभागों और पदों पर पड़ा था।

अगर स्वैच्छिक निकास योजना के जरिए कंपनी अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाती है, तो आगे कर्मचारियों की संख्या में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, जबरन छंटनी किए जाने की बात को कंपनी की आधिकारिक पुष्टि के बिना निश्चित नहीं माना जाना चाहिए।

कर्मचारियों के लिए क्या मायने हैं?

AI के तेजी से विस्तार के बीच टेक सेक्टर में कुछ भूमिकाओं की मांग घट सकती है, जबकि AI डेवलपमेंट, डेटा सेंटर, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड सेवाओं से जुड़ी भूमिकाओं की मांग बढ़ सकती है।

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