पंजाब सरकार ने राज्य में गिरते भूजल स्तर को रोकने और किसानों तक पर्याप्त सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर नहरों और जलमार्गों के पुनर्जीवन का अभियान तेज कर दिया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार लगभग 16,000 किलोमीटर लंबे वाटरकोर्स (जलमार्ग) को फिर से चालू करने का काम कर रही है। इसका उद्देश्य खेती के लिए नहरों का अधिकतम उपयोग बढ़ाना और भूजल पर निर्भरता कम करना है।

उन्होंने बताया कि नहर प्रणाली को मजबूत करने के कारण राज्य के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर 3 से 5 मीटर तक सुधरा है। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान के खेत तक पर्याप्त सिंचाई का पानी पहुंचे। इसी दिशा में वर्तमान समय में करीब 39,049 क्यूसेक नहर का पानी छोड़ा जा रहा है, ताकि सिंचाई व्यवस्था बेहतर हो सके।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वर्षा जल के संरक्षण और भूजल रिचार्ज को बढ़ावा देने के लिए पूरे पंजाब में 510 भूजल रिचार्ज परियोजनाएं लागू की गई हैं। इसके तहत तालाबों, कुओं और अन्य जल संरक्षण संरचनाओं का विकास किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि सरकार ने लंबे समय से उपेक्षित नहर नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने का अभियान शुरू किया है। इसके साथ ही जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसानों को पर्याप्त पानी मिल सके और राज्य में जल संसाधनों का टिकाऊ प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।

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