पंजाब में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR-2026) के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अगला चरण 13 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इसी दिन ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी और इसके साथ ही दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। नागरिक 12 सितंबर 2026 तक अपने नाम, पते या अन्य विवरण में सुधार, नया नाम जोड़ने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
यह जानकारी पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनिंदिता मित्रा ने चुनावी अधिकारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर दी। इस प्रशिक्षण में इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO), सहायक इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) और अन्य चुनाव अधिकारी शामिल हुए।
BLO की मेहनत से तय समय में पूरा हुआ डिजिटाइजेशन
अनिंदिता मित्रा ने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करने का कार्य पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया। इसी मेहनत की बदौलत पंजाब में निर्धारित समय के भीतर 100 प्रतिशत एन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा किया जा सका।
उन्होंने कहा कि इस विशेष पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र नामों को हटाकर मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनाना है।
नागरिकों को नहीं होगी कोई परेशानी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सभी आवेदनों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाए ताकि मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिरहित तैयार हो सके।
उन्होंने कहा कि जिस तरह SIR-2026 का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा किया गया, उसी तरह दूसरे चरण में भी पूरी जिम्मेदारी के साथ काम किया जाना चाहिए।
8 अक्टूबर तक होगा निपटारा, 12 अक्टूबर को आएगी अंतिम सूची
CEO ने बताया कि 13 अगस्त से 8 अक्टूबर 2026 तक दावे और आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को पंजाब की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
उन्होंने प्रदेश के सभी मतदाताओं से अपील की कि 13 अगस्त को ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद अपने नाम और अन्य विवरण की जांच जरूर करें। यदि कोई त्रुटि मिले तो 12 सितंबर तक दावा या आपत्ति दर्ज कराएं, क्योंकि इसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान चुनाव अधिकारियों को दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच और आवेदन निस्तारण से संबंधित सभी नियमों की विस्तार से जानकारी भी दी गई।


