राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने रक्तदाताओं, सामाजिक संस्थाओं और ब्लड सेंटरों को सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि हर कॉलेज छात्र साल में कम से कम एक बार रक्तदान करने का संकल्प ले।
मंत्री ने नियमित रक्तदाताओं से दूसरों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी नहीं आती और स्वस्थ व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान कर सकता है।
डॉ. बलबीर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को पंजाब में हेपेटाइटिस-सी की दर राष्ट्रीय औसत से नीचे लाने के लिए जांच और इलाज की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि रक्त की सुरक्षा बढ़ाने के लिए आधुनिक NAT और CLIA जांच तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पंजाब में वर्ष 2025-26 के दौरान 5.44 लाख से ज्यादा यूनिट रक्त एकत्र किया गया। सरकारी ब्लड सेंटरों में मिले रक्त में करीब 99.6 प्रतिशत हिस्सा स्वैच्छिक दान से आया।
कार्यक्रम में कोटकपूरा के PBG Welfare Club को सम्मान मिला। बठिंडा के सुरिंदर पाल ने 149 बार रक्तदान कर पुरुष दाताओं में पहला स्थान हासिल किया। जालंधर की हरविंदर कौर ने 69 बार रक्तदान किया। पठानकोट को ‘सक्षम जिला’ और छह जिलों को ‘सुरक्षित जिला’ सम्मान दिया गया।


