हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर माथा टेककर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। इस दौरान तीर्थ स्थल पर मौजूद लोगों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भगवान वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।

भगवान वाल्मीकि की शिक्षाएं देती हैं समानता का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी का जीवन और उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाती हैं। उनके विचार हमें समानता, भाईचारे, सद्भाव और मानवता के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति और आदर्श जीवन मूल्यों का महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसमें सत्य, धर्म, कर्तव्य और मानवीय संवेदनाओं का संदेश मिलता है। उनकी शिक्षाओं को अपनाकर समाज में आपसी प्रेम और सम्मान की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

जरूरतमंदों को बांटी ट्राई साइकिलें

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जरूरतमंद लाभार्थियों को ट्राई साइकिलें भी वितरित कीं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के अवसर देना समाज की साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना महत्वपूर्ण है। इससे वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकते हैं और जीवन में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

समाज के हर वर्ग के सम्मान पर जोर

नायब सिंह सैनी ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं को जीवन में अपनाकर समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान, कल्याण और उत्थान के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उनके अनुसार, जरूरतमंदों की मदद करना और सभी के साथ समान व्यवहार करना ही भगवान वाल्मीकि जी के प्रति सच्ची श्रद्धा और सम्मान है।

Related Posts