पंचकूला मार्च 30: मिकाडा, हरियाणा, भारतीय सिंचाई संघ (आई.ए.आई.) तथा हरियाणा सिंचाई संघ द्वारा तोशाम जिला भिवानी में 31 मार्च एवं 01 अप्रैल 2026 को संयुक्त रूप से दो दिवसीय ‘स्मार्ट सिंचाई टेक समिट-2026 का आयोजन किया जा रहा है।

इस संबंध ​​में जानकारी देते हुए मिकाडा पंचकूला के एसडीओ विजय कुमार ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्धेश्य नीति-निर्माताओं, कृषि विशेषज्ञों, प्रगतिशील किसानो को एक सांझा मंच प्रदान करना है । इस सम्मेलन में कृषि प्रधान राज्यों में घटते भूजल स्तर और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का समाधान करने के बारे में विस्तार से चर्चा की जायेगी ।

उन्होंने बताया कि ​​इस सम्मेलन में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम, ऑटोमेशन, फर्टिगेशन तथा ए.आई. आधारित सिंचाई तकनीकों पर विशेषज्ञ अपने विचार सांझा करेंगे। इसके अलावा ड्रोन तकनीक, रिमोट सैसिंग और डाटा आधारित जल प्रबंधन जैसे आधुनिक उपायों का भी प्रदर्शित किया जायेगा। मिकाडा द्वारा इस सम्मेलन में ‘पर ड्राप मोर क्रॉप , सोलर पंप योजना और कमांड एरिया डिवैल्पमैंट जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जायेगी ताकि किसान इनका लाभ उठा सकें ।

​​इस सम्मेलन में किसानों को नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जायेगी जिससे किसान अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक पैदावर प्राप्त कर सकेंगे । यह सम्मेलन उपभोक्ता समिति के सदस्यों, सरपंचों, नम्बरदारों तथा सभी कृषि भूमि धारकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

पीडीएमसी योजना व लाभ

​​विजय कुमार ने बताया कि सरकार सभी छोटे, सीमांत और सामान्य किसानों को माइक्रो इरीगेशन सिस्टम पर 85 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करती है । यह सब्सिडी केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मिलकर दी जाती है जिसमें राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त टॉपअप सब्सिडी भी शामिल होती है । किसानों को केवल उपकरण की लागत का 15 प्रतिशत तथा लागू जीएसटी का भुगतान करना होता है ।

उन्होंने बताया की मिकाडा द्वारा ऑन-फार्म वाटर टैंक नीति 2021 में शुरू की गई है जिसे सरकार द्वारा विधिवत मंजूरी दी गई है । इसके पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए एक एकीकृत ऑलाइन पोर्टल विकसित किया गया है ।

ऑन-फार्म वाटर टैंक के अंतर्गत सहायता इस प्रकार निर्धारित की गई है कि व्यक्तिगत किसानों को 70 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी, बशर्ते वे अपने खेत के 100 प्रतिशत क्षेत्र को माइक्रो इरिगेशन के अंतर्गत लाएं। वहीं, किसानों के समूह को 85 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जिसके लिए यह अनिवार्य है कि वे अपने खेत के कम से कम 75 प्रतिशत क्षेत्र को माइक्रो इरिगेशन के अंतर्गत लाएं।

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