केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चिरबासा इलाके में भूस्खलन के कारण फंसे करीब 1,500 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाव अभियान के बाद सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रूप से गौरीकुंड पहुंचाया गया।
जानकारी के मुताबिक, सोनप्रयाग पुलिस को सूचना मिली थी कि गौरीकुंड से करीब 3 किलोमीटर आगे चिरबासा क्षेत्र में बड़ी संख्या में यात्री भूस्खलन के कारण रास्ते में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही सोनप्रयाग से SDRF की टीम मौके के लिए रवाना हुई।
रास्ते में जमा था मलबा
मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि चिरबासा हेलीपैड के पास सड़क पर भूस्खलन का मलबा जमा था। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण यात्रियों के लिए वहां से गुजरना जोखिम भरा बना हुआ था।
स्थिति को देखते हुए SDRF, NDRF और DDRF की संयुक्त टीमों ने बचाव अभियान शुरू किया। टीमों ने यात्रियों को सावधानीपूर्वक भूस्खलन प्रभावित हिस्से से बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
इसके बाद यात्रियों को आगे गौरीकुंड भेज दिया गया।
लगातार बारिश के कारण यात्रा प्रभावित
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर चार धाम यात्रा पर भी पड़ा है। खराब मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए रविवार को लगातार दूसरे दिन चार धाम यात्रा स्थगित रही।


