अमेरिका और इजरायल के 28 फरवरी को ईरान पर हमले के बाद से बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल ट्रैफिक लगभग रोक दिया था। अमेरिका के लगातार हमलों के कारण ईरान ने युद्ध में जवाबी कार्यवाही करते हुए इस रूट से जाने वाले जहाजों को रोका था लेकिन अब वह इसे स्थायी रूप देने की तैयारी में है। ईरान और ओमान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर फीस वसूली को लेकर बातचीत कर रहे हैं। माना जा सकता है युद्ध में हुई नुकसान की भरपाई के लिए वह ये पैतरां अपना रहा है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट ने इस बारे में जानकारी दी है कि ईरान की नई बनाई गई पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने कहा कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के ‘मैनेजमेंट सुपरविजन एरिया’ की सीमा तय कर दी है। अथॉरिटी के मुताबिक, यहां से गुजरने के लिए परमिट जरूरी होगा।
फरवरी में अमेरिकी और इजराइली हमलों से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग प्रभावित हुई और पेट्रोल डीजल के साथ LPG के कीमतों में तेजी आई। इसके बाद ईरानी अधिकारियों ने इस जलमार्ग से राजस्व जुटाने के विकल्पों पर चर्चा शुरू की।
ट्रंप ने जताया विरोध
वही अब ईरान के इस फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसका विरोध करते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और यहां किसी तरह का टोल नहीं होना चाहिए।
28 फरवरी को ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से ही होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है तो वही ईरान कुछ चुनिंदा जहाजों को इस रूट से गुजरने दे रहा है अब इस वजह से दुनिया का बड़ा हिस्सा इससे प्रभावित हुआ है और देश भर में ऊर्जा की कीमतें आसमान छू रही हैं


