भारत-अमेरिका के बीच फरवरी 2026 में एक अंतरिम व्यापार समझौता पर सहमति बनी थी। जिसका मकसद था लंबे समय से अटके व्यापारिक मुद्दों को सुलझाना । लेकिन इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के कुछ टैरिफ को अवैध बता दिया। इसके बाद कौन से टैरिफ लागू रहेंगे, कौन से नहीं यह साफ नहीं हो रहा था । इसका असर अमेरिका-भारत के व्यापार समझौते पर पड़ा।
अमेरिका और भारत एक अस्थायी व्यापार समझौते पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि व्यापार से जुड़े कुछ मुद्दों का जल्द समाधान किया जा सके। दोनों देश ऐसा व्यापार को लेकर ऐसा समझौता करना चाहते हैं जिससे भारत और अमेरिका, दोनों को फायदा हो। यानी दोनों पक्ष अभी भी व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। अमेरिका और भारत के मुख्य वार्ताकारों की एक से चार जून तक चली बातचीत के समापन के बाद यह बयान जारी किया गया।
वही जो देश जबरन मजदूरी से जुड़े मामलों को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं उन पर अमेरिका अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने की तैयारी में भी जुटा है। इसमें भारत का नाम भी शामिल है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत के साथ व्यापार को लेकर कहा कि लंबे समय तक भारत ने अमेरिका पर ऊंचे टैरिफ लगाए और उसका फायदा उठाया। ट्रम्प ने दावा किया कि अब स्थिति बदल गई है और अमेरिका भारत से अच्छी कमाई कर रहा है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने आगे कहा कि अमेरिका और भारत के बीच जल्द ही एक बड़ा व्यापार समझौता भी हो सकता है, क्योंकि मैं मोदी को बहुत पसंद करता हूं। मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमारे संबंध अच्छे हैं और हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं।


