चंडीगढ़ में आईफोन बांटने के मामले में सरकारी रोक के बीच पंचकूला में हर साल चर्चा में रहने वाले ‘कारों के लंगर’ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कारोबारी एमके भाटिया इस दिवाली भी अपने कर्मचारियों को कारें गिफ्ट करने की परंपरा को आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं। पिछले चार वर्षों से दिवाली के मौके पर कर्मचारियों को कारें उपहार में देने की उनकी पहल सोशल मीडिया और देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी है।
इस पहल की खास बात यह है कि यहां कारें आम लोगों में वितरित नहीं की जातीं, बल्कि कंपनी के चुनिंदा कर्मचारियों और सहकर्मियों को उनके काम और योगदान के सम्मान के तौर पर कारें भेंट की जाती हैं। इसी वजह से इसे आम बोलचाल में ‘कारों का लंगर’ कहा जाने लगा है।
चार साल से जारी है अनोखी परंपरा
एमके भाटिया की ओर से दिवाली पर कर्मचारियों को कारें देने का सिलसिला पिछले चार वर्षों से जारी है। हर साल जब कर्मचारियों को कारों की चाबियां सौंपे जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आते हैं, तो यह पहल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती है।
इस पहल ने कॉरपोरेट जगत में कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने और उनके योगदान को अलग अंदाज में सम्मानित करने को लेकर भी चर्चा पैदा की है। सामान्य तौर पर कंपनियों में दिवाली पर बोनस, गिफ्ट या अन्य प्रोत्साहन दिए जाते हैं, लेकिन कर्मचारियों को कारें उपहार में देना अपेक्षाकृत असामान्य पहल मानी जाती है।
इस बार भी कर्मचारियों को मिल सकता है दिवाली का बड़ा तोहफा
इस साल भी पंचकूला में दिवाली के आसपास कर्मचारियों को कारें दिए जाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, इस बार कितनी कारें दी जाएंगी और किन कर्मचारियों को यह सम्मान मिलेगा, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी कार्यक्रम के दौरान सामने आने की संभावना है।
चंडीगढ़ में आईफोन वितरण पर लगी रोक के बीच पंचकूला में होने वाला यह आयोजन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दोनों मामलों में महंगे उपहार बांटने का पहलू जुड़ा हुआ है। हालांकि, एमके भाटिया की पहल का स्वरूप अलग है और इसमें कंपनी के कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए कारें उपहार में देने की बात सामने आती है।
सोशल मीडिया पर फिर चर्चा की उम्मीद
पिछले वर्षों की तरह इस बार भी कारों की चाबियां कर्मचारियों को सौंपे जाने का कार्यक्रम सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच सकता है। पंचकूला से शुरू हुई यह अनोखी दिवाली परंपरा अब क्षेत्र से बाहर भी पहचान बना चुकी है।
फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर हैं कि 2026 की दिवाली पर एमके भाटिया कितने कर्मचारियों को कारों का तोहफा देते हैं और इस बार ‘कारों के लंगर’ का आयोजन किस अंदाज में किया जाता है।


