पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब कला भवन में ‘पंजाब दा इतिहास’ पुस्तक का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पंजाब आज विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है और राज्य के इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने अपने लंबे इतिहास में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। यहां के लोगों ने देश की आजादी के संघर्ष में भी बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में पंजाबियों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा और उनके बलिदानों को हमेशा याद रखा जाना चाहिए।
भगवंत मान ने कृषि का जिक्र करते हुए कहा कि चावल पंजाब का मुख्य भोजन नहीं है, फिर भी राज्य देश के लिए बड़ी मात्रा में धान का उत्पादन करता है। उन्होंने बताया कि पंजाब इस साल भी देश को करीब 180 लाख मीट्रिक टन चावल का योगदान देने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की पहचान उसके इतिहास, संस्कृति, मेहनत और साहस से बनी है। इसलिए जरूरी है कि नई पीढ़ी अपने राज्य के इतिहास और विरासत को समझे।
उन्होंने कहा कि ‘पंजाब दा इतिहास’ जैसी पुस्तकें लोगों को प्रदेश के अतीत से जोड़ने का काम करेंगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पंजाब के इतिहास को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाने से युवा अपनी विरासत को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और राज्य के भविष्य को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे।


