पंजाब सरकार अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल (राम तीर्थ) को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में ₹17.72 करोड़ खर्च कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रकाश पर्व पर माथा टेकते हुए तीर्थ स्थल के विकास और धार्मिक विरासत को सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं समानता, मानवता और सच्चाई का संदेश देती हैं। उनकी रामायण आज भी समाज को सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का संचालन संबंधित धर्म के जानकार और विद्वान लोगों के हाथों में होना चाहिए।

सरकार की योजना के तहत मुख्य मंदिर का नवीनीकरण, साउंड सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगाने, पवित्र सरोवर की सफाई तथा अन्य सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरू करने और मंदिर व सराय में एयर कंडीशनर लगाने सहित कार्यों पर ₹2.60 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।

इससे पहले वर्ष 2024 में महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित पैनोरमा का निर्माण ₹25 करोड़ की लागत से किया गया था। तीर्थ परिसर की सुंदरता बढ़ाने के लिए लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना और इस पवित्र स्थल की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्रद्धालुओं को यहां दर्शन करने की सुविधा भी दी जा रही है।

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