राम भक्त हनुमान अमर है औऱ वो आज भी हर वक्त भक्तों के साथ खड़े रहते है। भक्तों में हनुमान जयंती को लेकर उत्साह रहता है आखिर वो भी उनका जन्मदिवस मनाना चाहते है, राम भक्त हनुमान जयंती में प्रभु हनुमान की पूजा खास महत्व रखती है। भगवान रा​म के अनन्य भक्त, पवनपुत्र, महावीर और महाबलशाली हनुमान जी का जन्म राम काज यानि प्रभु राम की सहायता के लिए हुआ था. हनुमान जयंती को हनुमानोत्सव भी कहा जाता है. हनुमान जी की माता का नाम अंजना और पिता का नाम केसरी था. हनुमान जी को पवन देव का मानस पुत्र कहते है, इस वजह से उनको पवन पुत्र भी कहते हैं. हनुमान जी की पूजा करने से सारे कष्ट मिटते है।

 पंचांग के अनुसार हनुमान जयंती का पर्व चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है

इस साल 1 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से चैत्र पूर्णिमा का शुभारंभ हो रहा है और यह 2 अप्रैल को सुबह 7:41 बजे तक रहेगी.

उदयातिथि के आधार पर तिथि की गणना करते हैं. ऐसे में चैत्र पूर्णिमा 2 अप्रैल दिन गुरुवार को है

शुभ मुहूर्त

शुभ मुर्हूत में हनुमान जी पूजा करनी चाहिए जिससे उनकी कृपा आप पा सकें

ऐसे में 2 अप्रैल को हनुमान जयंती का दिन में मुहूर्त सुबह 06:10 बजे से लेकर 07:44 बजे तक है. इस समय शुभ-उत्तम मुहूर्त है.

जो लोग किसी कारणवश हनुमान जयंती की पूजा न कर पाएं वे लोग शाम को पूजा कर सकते हैं. वे शाम में 6 बजकर 39 मिनट से रात 8 बजकर 6 मिनट के बीच हनुमान जी की पूजा कर लें

  • इस दिन हनुमान जी को उनका चोला भी चढ़ता है।
  • हनुमान जी के 12 नामों का जाप करना
  • हनुमान जयंती की पूजा विधि

  • हनुमान जी की पूजा बहुत ही आसान है
  • सबसे पहले सुबह जल्दी उठें नहा कर साफ कपड़े।
  • मंदिर को साफ करके उसपर लाल रंग का कपड़ा बिछा दें,
  • उसपर हनुमान जी  की मूर्ति या तस्वीर रखें,
  • फिर हनुमान जी को फूल, सिंदूर,माला और सिंदूर का तिलक लगाएं।
  • हनुमान जी को बेसन का लड्डू, शीरा, केला, और मीठा पान चढ़ाए।
  • हनुमान जी को अगरबत्ती कपूर दिखाएं।
  • फिर 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें आप चाहें तो सुदंर कांड का पाठ करें।
  •  हनुमान जी को गुड़ चना भी चढ़ा सकते है। अंत मे उनकी आरती करें और सब मे प्रसाद का वितरण करें

 

Related Posts