हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और व्रत आदि का काफी महत्व होता है. भक्त भगवान को पूजा के साथ ही व्रत के माध्यम से भी खुश रखना चाहते है व्रत तो सभी भक्त रहना चाहते है लेकिन कुछ लोगो का स्वास्थ सही ना होने के कारण वो व्रत नही कर पाते है कहा भी जाता है जितनी शक्ति उतनी भक्ती । सप्ताह के अलग-अलग दिन अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा और व्रत के लिए समर्पित होते हैं.

 

इसी तरह गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए समर्पित है. साथ ही इस दिन केले वृक्ष की पूजा का भी विधान है. इस दिन भक्त भगवान को प्रसन्न करने के लिए औऱ उनकी कृपा पाने के लिए  व्रत रखते है लेकिन इस व्रत में कुछ खास नियम होते है जिसके बारे में हम आपको आगे बतायेगे।

 

धार्मिक दृष्टि से भी गुरुवार का व्रत रखना बहुत फलदायी माना जाता है. भगवान बृहस्पति सुख समृद्दि के देवता है इनकी कृपा से जीवन में समृद्दि बनी रहती है । खुशहाली का आगमन होता है, वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है, ज्ञान की प्राप्त होती है और मनोकामना पूर्ण होती है. लेकिन किसी भी व्रत का फल तभी मिलता है, जब व्रत के नियमों का पालन किया जाए.

व्रत को लेकर भी कई नियम होते हैं

गुरुवार व्रत को लेकर भी कई नियम होते हैं, जिसका पालन करना जरूरी होता है. गुरुवार के दिन कई कार्य करना वर्जित होता है तो कुछ कार्यों को करना शुभ भी माना जाता है. गुरुवार व्रत को लेकर भी कई नियम बताए गए हैं जैसे- गुरुवार के व्रत में क्या खाना चाहिए और कौन सी चीज व्रत के दौरान नहीं खानी चाहिए. व्रत के दौरान खाने-पीने से जुड़ी इन बातों का ध्यान रखने से ही व्रत सफल होता है.

क्या खाएं व्रत के दौरान

व्रत के दौरान हल्का और सात्विक भोजन करें।

व्रत के दौरान दूध से बनी चीजें जैसे- दही, पनीर, मक्खन और मिठाई आदि खा सकते हैं.

कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा या समा चावल का भी सेवन किया जा सकता है.

मौसमी फल भी खा सकते हैं जैसे- संतरा, पपीता, अंगूर, तरबूज, सेब जो भी मौसमी फल हो।

नारियल का पानी और ड्राई फ्रूट्स भी खा सकते हैं. इससे शरीर में कमजोरी नहीं होगी.

इसके अलावा आप बेसन का हलुवा या बेसन का चिला खा सकते है।

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