भोलेनाथ को खुश करने का सरल तरीका: सोम प्रदोष व्रत
भगवान भोले को खुश करना सबसे सरल है उनको कहा भी जाता है भगवान भोलेनाथ, उनको न कोई विशेष भोग चाहिए और न ही कोई विशेष जप तप की आवश्यकता है ,वो तो सिर्फ एक लोटे जल में खुश हो जाते है। भगवान शिव के व्रत में एक बहुत ही
जानिए सोमवार को शिवलिंग की पूजा कैसे करें..
सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित किया गया है. इस दिन भगवान शिव का पूजन और व्रत किया जाता है. भक्त शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और मनचाहे वरदान की कामना करते हैं. देवों के देव महादेव बहुत ही भोले माने जाते हैं, इसलिए उनका एक नाम भोलेनाथ भी
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कौन-कौन सी चीजें अर्पित करें
भगवान शिव एक ऐसे देवता है जो तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं। इसीलिए उन्हें आशुतोष कहा जाता है। आइए जानते हैं भगवान शिव को प्रिय सामग्री जो अर्पित करने से भोलेनाथ हर कामना पूरी करते हैं औऱ प्रसन्न हो जाते है हिंदू धर्म में भगवान शिव को देवों के देव
शनि के प्रभाव से न देव बच सकते हैं और न ही दानव..जानिएं आप कैसे बचें
शनिवार का दिन शनि देव और शनि ग्रह को समर्पित है. इस दिन शनि देव की पूजा करने से जीवन की सारी बाधाएं और कष्ट दूर हो जाते हैं. शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है शनिदेव कर्मों के अनुसार फल देते है बुरे कर्म करने वालो को बुरा
जानिएं काल के अधिपति भगवान शिव को क्यों पसंद है रुद्राभिषेक..?
देवो में देव महादेव को सोमवार का देवता कहा जाता है, सोमवार को विशेष पूजा का विधान माना जाता है, भगवान शिव को सृष्टि के संहारक के रूप में पूजा जाता है लेकिन वे केवल विनाश के देवता ही नहीं बल्कि सृष्टि, पालन और संहार तीनों के अधिपति हैं। वे
जानिए कैसे शिव पूजा से मिलते हैं धन, संतान और सुख-शांति
सोमवार को भगवान शिव का दिन माना जाता है. ‘सोम’ शब्द का अर्थ चंद्रमा होता है. चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक की शोभा बढ़ाता है. हिंदू धर्म में सोमवार का दिन विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित माना गया है. भगवान शिव को नीलकंठ भी कहा जाता है। इस
सोम प्रदोष 17 नवंबर को..महादेव शिव और पार्वती की पूजा का शुभ अवसर
हिंदू धर्म में त्रयोदशी तिथि का बहुत ही महत्व है. त्रयोदशी तिथि भगवान शिव को समर्पित है. हर माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है. सोम प्रदोष व्रत पर त्रयोदशी तिथि 17 नवंबर को सुबह 4 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर
भैरव अष्टमी: भगवान शिव के रौ/द्र रूप की आराधना का पावन दिन
हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार मार्गशीर्ष माह का प्रमुख पर्व श्रीकालभैरव अष्टमी है. आज काल भैरव जयंती का पर्व मनाया जा रहा है. इस भैरव अष्टमी को भगवान शिव के उग्र और रक्षक स्वरूप भैरव जी के प्रकट होने का दिन माना जाता है. इस दिन भक्त भैरव जी की उपासना


