SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है सुप्रिम कोर्ट ने बिहार चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण, यानी SIR प्रक्रिया को वैध और संवैधानिक करार दिया है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने आज बुधवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि चुनाव आयोग को SIR के लिए विशेष प्रक्रिया अपनाने का अधिकार है.

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने कहा चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है उसे निष्पक्ष एवं शुद्ध मतदाता सूची सुनिश्चित करने का अधिकार है।  इसके साथ ही कोर्ट ने संदिग्ध नागरिकता के आधार पर वोटर लिस्ट से हटाए गए व्यक्तियों के नाम 4 हफ्तें में केंद्र सरकार को भेजने का आ देश जारी किया है। बिहार में यह प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसे चुनौती दी गई थी. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यह सामान्य संशोधन प्रक्रिया से अलग है और मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित कर सकती है.

अदालत ने कहा, ‘यह प्रक्रिया कानूनी रूप से मान्य है. सुप्रीम कोर्ट ने SIR की प्रक्रिया को वैध ठहराते हुए कहा कि इस प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट से नाम हटाने का मतलब यह नहीं है कि किसी की नागरिकता खत्म हो गई है।

बिहार में SIR की प्रक्रिया 25 जून 2025 में शुरु हुई है । इसका मुख्य उद्देश्य था कि फर्जी जैसे विदेशी नागरिकों, दोहराए गए और स्थानांतरित मतदाताओँ को सूची से हटाना और नए मतदाताओं को सूची में जोड़ना।

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