पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध न/शेआं विरुद्ध’ अभियान को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को अभियान के अंतिम चरण में जमीनी स्तर पर कार्रवाई और तेज करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न/शा बेचने वालों, सप्लायरों और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से गांवों और स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा।
सरकार के अनुसार, पंजाब में 14,846 विलेज डिफेंस कमेटियां (VDCs) सक्रिय हैं, जिनमें करीब 74,230 सदस्य जुड़े हैं। सीमावर्ती इलाकों में भी बड़ी संख्या में समितियां काम कर रही हैं। इन समितियों से मिलने वाले फीडबैक में 41% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक VDCs से मिली शिकायतों के आधार पर 4,129 FIR दर्ज की गई हैं और 5,589 कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, सेफ पंजाब ऐप के जरिए मिली शिकायतों पर पिछले एक साल से अधिक समय में करीब 19,310 FIR दर्ज हुईं और 25,138 गिरफ्तारियां की गईं।
सीएम मान ने कहा कि न/शे के खिलाफ लड़ाई अब केवल पुलिस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की भागीदारी भी बढ़ रही है। उन्होंने अधिकारियों को पुलिस, प्रशासन, VDCs और जनता के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह पुलिस थानों के स्तर पर अभियान की समीक्षा करेंगे और थाना प्रभारियों की भूमिका व जवाबदेही को और मजबूत किया जाएगा।


