हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आ/त्म/हत्या ने देश को झकझोर दिया है
जाहिर है जब IPS रैंक के अधिकार को जातीय भेदभाव का सामना करना पड़ा
तो आम इंसान की बात ही क्या है इसको लेकर कांग्रेस ने भाजपा को तंज कसा है ।
कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने हरियाणा आईपीएस आत्महत्या मामले में भाजपा पर निशाना साधा है।
कांग्रेस सांसद ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “जातीय प्रता/ड़ना से परेशान होकर
हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्म/हत्या से पूरा देश स्तब्ध है।
देश भर में दलितों के खिलाफ जिस तरह अन्या/य, अत्या/चार और हिं/सा का सिलसिला चल रहा है, वह भया/वह है।
उन्होंने कहा कि पहले रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि की हत्या, फिर मुख्य न्यायाधीश का अप/मान और अब एक वरिष्ठ अधिकारी की आत्म/हत्या यह साबित करती है
कि भाजपा राज दलितों के लिए अभि/शाप बन गया है। चाहे कोई आम नागरिक हो या ऊंचे पद पर हो, अगर वह दलित समाज से है तो अन्याय और अमा/नवीयता उसका पीछा नहीं छोड़ते।
जब ऊंचे ओहदे पर बैठे दलितों का यह हाल है तो सोचिए आम दलित समाज किन हालात में जी रहा होगा”
राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे ने भी हरियाणा आईपीएस सुसा/इड मामले की निं/दा की
इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी हरियाणा आईपीएस सुसा/इड मामले की निं/दा की थी।
उन्होंने एक्स पर लिखा कि “भाजपा का मनुवादी तंत्र इस देश के एससी, एसटी, ओबीसी और कमजोर वर्गों के लिए एक अभिशाप बन चुका है।
हरियाणा के वरिष्ठ दलित आईपीएस अधिकारी, एडीजीपी, वाई. पूरन कुमार की मजबूरन आत्म/हत्या की खबर न केवल स्तब्ध करने वाली है,
बल्कि सामाजिक अन्या/य, अमा/नवीयता और संवेदनहीनता का भया/वह प्रमाण है।
परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
उन्होंने आगे लिखा, “पिछले 11 वर्षों में इस देश में भाजपा ने मनुवादी मानसिकता इतनी गहरी कर दी है
कि एडीजीपी रैंक के द/लित अधिकारी को भी न्याय और सुनवाई नहीं मिलती है।
जब सुप्रीम कोर्ट में सरेआम माननीय मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) पर ह/म/ला हो सकता है और
उसे भाजपा का इकोसिस्टम जातिवाद और धर्म का हवाला देकर डिफेंड कर सकता है, तो हमें ये समझ लेना चाहिए कि ‘सबका साथ’ का नारा एक भद्दा मजाक था।”