7 अक्टूबर को आईपीएसवाई पूरन कुमार ने अपने घर पर खुद को गोली मारकर आ/त्मह/त्या की थी।

उनकी पत्नी IAS अमनीत पी. कुमार ने उनके आत्म/हत्या के कारणों की जांच की मांग करते हुए

शामिल अधिकारियों पर चंडीगढ़ सेक्टर-11 के थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी।

इसको लेकर हरियाणा के IPS वाई पूरन कुमार की आत्म/हत्या के दो दिन बाद वीरवार रात करीब 10.40  बजे चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया

समेत सुसा/इड नोट में शामिल 14 अधिकारियों के खि/लाफ एफआईआर दर्ज कर ली। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108(आत्म/हत्या के लिए उक/साना), 3(5), 3(1)(आर) और एससीएसटीएक्ट के तहत केस दर्ज किया गया

पी/ड़ित परिवार लगातार एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहा था।

हरियाणा की आईएएस लॉबी भी अमनीत पी कुमार के साथ थी। कुछ अधिकारी वीरवार को उनके घर भी आए। परिवार ने चेता/वनी दी थी

कि जब तक सभी आरो/पितों के खिला/फ एफआईआर दर्ज नहीं होगी तब तक वह पो/स्टमार्टम नहीं होने देंगे।

पहले कहा जा रहा था कि पूरन कुमार की एक बेटी ने अमेरिका से वापस आना था इसलिए भी पोस्टमा/र्टम की प्रक्रिया को रोका गया था।

वीरवार को वह भी चंडीगढ़ पहुंच गई, लेकिन पो/स्टमा/र्टम नहीं हो पाया था। इससे पहले

 

 IPS के साथ कई वर्षों से जातीय भे/दभा/व हो रहा था

 

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस मामले में एडवोकेट जनरल से राय ली और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ भी चर्चा की।

बता दें  IPS ने आठ पन्नों का एक सु/सा/इड नोट लिखा था जिसमें उन्होंने मौजूदा डीजीपी हरियाणा शत्रुजीत कपूर, एसपीरोहतक नरेंद्र बिजारणिया समेत कुछ आईपीएस और आईएएस अधिकारियों के नाम लिखे थे। इनमें दो पूर्व डीजीपी भी थे।

पूरन कुमार ने सुसा/इड नोट में लिखा था कि कई वर्षों से उनके साथ जातीय भेदभा/व हो रहा था। उन्होंने जब आवाज उठाने की कोशिश की तो उन्हें प्रता/ड़ित किया जाता था।

ताजा जानकारी के मुताबित आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) चंडीगढ़ को पत्र लिखकर आईपीएस वाई. पूरण कुमार आत्म/हत्या प्रकरण में दर्ज एफआईआर नंबर 156 (दिनांक 9 अक्तूबर 2025) को अधूरा बताया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि एफआईआर की प्रति में कई गं/भी/र खा/मियां हैं — जिनमें मुख्य आरो/पियों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं किए गए और एससी/एसटी (अत्या/चार निवा/रण) अधिनियम की कमजोर धाराएं लगाई गई हैं ।

 

FIR में 3 आईएएस और 12 आईपीएस अधिकारी नामजद किए गए

अनुराग रस्तोगी, मुख्य सचिव, टी.वी.एस.एन. प्रसाद — पूर्व मुख्य सचिव,  राजीव अरोड़ा, पूर्व एसीएस और आईपीएस अधिकारियों में डीजीपी शत्रुजीत कपूर, मनोज यादव, पूर्व डीजीपी,  पी.के. अग्रवाल, पूर्व डीजीपी, कला रामचंद्रन, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, संदीप खिर्वर, एडीजीपी, एडीजीपी अमिताभ ढिल्लों, एडीजीपी संजय कुमार, एडीजीपी माता रवि किरण, आईपीएस शिवास कविराज, आईजी पंकज नैन, आईजी कुलविंदर सिंह और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजरनिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. इन सभी के नाम सुसाइड नोट में लिखे गए हैं. एफआईआर दर्ज होने के बाद अब चंडीगढ़ पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. रिपोर्ट न्यूज पीडिया24

 

Related Posts