उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की बुधवार सुबह तबीयत खराब होने पर सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृ/त घोषित कर दिया. उनका अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ के बैकुंठधाम (भैंसाकुंड) में किया जा रहा है। वही इस दु/ख की घड़ी में सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी अपने आप को नही रोक पांए और उनके आंखों में नमी आ गई ।
प्रतिक यादव की अंति/म यात्रा शुरू हो गई है। घर से 5 किमी दूर बैकुंठ धाम के प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार किया जाएगा,एनीमल प्रेमी प्रतिक यादव के शव वाहन पर प्रतीक की कुत्तों और बंदर के साथ वाली तस्वीर लगाई गई है।

सपा और बीजेपी के कार्यकर्ता, नेताओं का भारी हूजूम उमड़ पड़ा

प्रतिक के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में सपा और बीजेपी के कार्यकर्ता, नेताओं का भारी हूजूम उमड़ पड़ा है। स्वामी अवधेशानंद गिरि, यूपी के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक पत्नी नम्रता के साथ पहुंचे और प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि दी। शिवपाल यादव और डिंपल यादव ने भी प्रतिक यादव के अंतिम दर्शन किए। वही प्रतिक यादव की पत्नी अपर्णा यादप  फूट फूट के रो रही थी उनके साथ उनकी दोनो बेटियां भी मौजूद है। पत्नी अपर्णा भाजपा नेता हैं। इस वक्त राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। प्रतिक के अंतिम समय में अपर्णा असम दौरे पर थी । सूचना मिलते ही तुरंत अस्पताल पहुंची थी।

प्रतीक का बुधवार सुबह 6 बजे 38 साल की उम्र में निध/न हुआ था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौ/त की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई। प्रतीक को 13 दिन में दो बार दिल का दौरा  पड़ा। पोस्टर्माटम रिपोर्ट में उनके शरीर पर छह चोटें पाई गईं, जो मौ/त से पहले लगी थीं। इनमें 3 चोटें 7 दिन पुरानी और 3 एक दिन पुरानी थीं। उनका विसरा सुरक्षित रखा गया है।  डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे। इसमें खून का थक्का फेफड़ों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन को रोक देता है।

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