मुहर्रम पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मैसेज शेयर किया. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि हजरत इमाम हुसैन (AS) की कुर्बानी आज भी लोगों को सच्चाई और इंसाफ़ के रास्ते पर डटे रहने की प्रेरणा देती है. उन्होंने यह भी कहा कि यह बलिदान हिम्मत और मजबूत विश्वास की हमेशा रहने वाली ताकत की याद दिलाता है.
चांद दिखाई देते ही पूरी दुनिया में मुहर्रम का पर्व मनाया जाता है, इस महिने इस्लाम के मानने वालों के दिलों में गहरा दुख महसूस होने लगता है. लोग काले कपड़े पहनते हैं, मजलिसें होती हैं और मातम की आवाजें सुनाई देने लगती हैं.
इस महीने को बलिदान के तौर पर याद किया जाता है, क्योंकि इसी समय नबी के नवासे इमाम हुसैन (AS) और उनके साथियों को कर्बला की गर्म रेत पर शहीद कर दिया गया था. उनके साथ 72 लोग थे, जिनमें एक छोटा 6 महीने का बच्चा अली असगर भी था, सभी को शहीद कर दिया गया.
वही मध्य प्रदेश के हतनारा गांव में गुरुवार रात मोहर्रम के जुलूस में दर्दनाक हादसा हो गया। देर रात मुहर्रम जुलूस के साथ निकाला जा रहा ऊची ऊची ताजिया बिजली की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे 3 लोगों की मौत हो गई और 10 से ज्यादा लोग बुरी तरह झुलस गए हैं.
हादसा रात करीब 11:00 के आसपास का बताया जा रहा है.बिजली के तार से टच होते ही ताजिए में लगी रॉड में करंट फैल गया और ताजिए पकड़ कर चल रहे सभी लोग वहीं गिर पड़े. इस दौरान बिजली की चिंगारी से कई लोग झुलस गए और मौके पर भगदड़ मच गई.
2 युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि एक अन्य की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई ।


