हिंदू धर्म में हर दिन किसी न किसी देवी देवता के साथ जुड़ा हुआ है। सनातन धर्म में बुधवार के दिन का बेहद खास महत्व है। हिंदू धर्म के 33 कोटि देवी-देवता में गणपति ही एक मात्र ऐसे भगवान हैं जिनकी पूजा सबसे पहले होती है. ऋद्धि-सिऋि के दाता कहलाने वाले भगवान गणेश जी की पूजा आप कभी भी किसी समय कर सकते हैं, लेकिन भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि पर उनकी पूजा विशेष फलदायी हो जाती है क्योंकि मान्यता है कि इसी दिन उनका जन्म हुआ था.
इस दिन भगवान गणेश जी की विशेष पूजा की जाती है। साथ ही सभी संकटों को दूर करने करने के लिए व्रत भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है। भगवान गणेश जी की पूजन में वेद मंत्र का उच्चारण किया जाता है। जिन्हें वेद मंत्र न आता हो, उनकों नाम-मंत्रों से पूजन करना चाहिए। अगर आप भी गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो बुधवार के दिन आप भी भगवान गणेश जी की विधिपूर्वक उपासना करें।
भगवान गणेश की पूजा की विधि
बुधवार को सुबह जल्दी उठें और भगवान गणेश का ध्यान करें।
इसके बाद स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करें।
अब एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं और गणेश जी की प्रतिमा विराजमान करें।
अब प्रभु को माला और दूर्वा घास अर्पित करें।
इसके बाद देशी घी का दीपक जलाएं और आरती करें।
गणेश चालीसा का पाठ और मंत्रों का भी जप करें।
अंत में बूंदी का लड्डू या फिर मोदक का भोग लगाएं।
गरीब लोगों में अन्न, धन और भोजन का दान करें।
भगवान गणेश को भोग में क्या लगाएं
भगवान गणेश को भोग में क्या लगाना चाहिए जिससे प्रभु जल्दी खुश हो जाएं तो इसके लिए माना जाता है भगवान गणेश को मोदक और लड्डू प्रिय है। ऐसे में उन्हें हम मोतीचूर के लड्डू का भोग भी लगा सकते है । इसके अलावा फल, खीर और मिठाई का भी भोग लगा सकते हैं। मान्यता है कि इन चीजों का भोग लगाने से प्रभु प्रसन्न होते हैं। मोदक आप घर में भी बना सकते है नही तो यह बाजार में आसानी से मिल जाता है।


