सद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसद काले कपड़े और काले स्कार्फ पहनकर संसद पहुंचे तथा पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों के साथ कथित बदसलूकी के मुद्दे पर सरकार को घेरा।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। विपक्ष का आरोप है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है और सरकार इन मामलों में जवाबदेही तय करने में विफल रही है।

काले कपड़ों में विरोध दर्ज कराने पहुंचे विपक्षी सांसद

समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों के सांसद काले वस्त्र पहनकर प्रदर्शन में शामिल हुए। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों पर बल प्रयोग किया गया।

पेपर लीक और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा

विपक्ष ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी से देश का युवा परेशान है। नेताओं का आरोप है कि सरकार इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

दिल्ली प्रदर्शन में हिरासत का भी उठाया मुद्दा

विपक्ष ने हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा भी उठाया। विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए इसकी निंदा की।

आंदोलन जारी रखने के संकेत

संसद के भीतर और बाहर जारी राजनीतिक टकराव के बीच विपक्ष ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पेपर लीक, छात्रों के अधिकार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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