अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से नया साल 1 जनवरी से शुरू हो जाएगा। लेकिन हिंदू नव वर्ष जनवरी में आरंभ नहीं होता है। हिंदू कैलेंडर में पहला महीना चैत्र होता है और आखिरी फाल्गुन। इसमें भी 12 महीने होते हैं। हिंदू कैलेंडर में विक्रम संवत होता है। हिंदू नववर्ष के दिन को विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे- गुड़ी पड़वा, युगादि, चेटी चंद और आदि।

हर साल हिंदू नव वर्ष बहुत ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। हिंदू नववर्ष को गुड़ी पड़वा, नव संवत्सर, विक्रम संवत, युगादि आदि नामों से भी जाना जाता है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है। ब्रह्मांण पुराण के अनुसार, ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना जब की तो वह दिन चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि थी। साल 2026 में हिंदू नव वर्ष 19 मार्च को मनाया जाएगा। ये विक्रम संवत 2083 होगा। आपको बता दें कि चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि का भी आरंभ होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से ही भगवान ब्रह्म जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी और इसी तिथि से चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2026 Date) का पर्व शुरू होता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अलग-अलग दिन की जाती है। इससे साधक को जीवन के सभी दुखों से मुक्ति मिलती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है

हिंदू नव वर्ष के दिन करें ये काम

हिंदू नव वर्ष के दिन सुबह उठकर स्नान आदि कर साफ-सुथरे या नए कपड़े पहन लें।

इसके बाद दीपक जलाकर भगवान श्री गणेश के साथ प्रमुख देवी-देवताओं की पूजा करें।

आरती के बाद मिठाई, पकवान का भोग लगाएं।

इसके साथ ही वेद शास्त्र और पंचांग का पूजन कर नए साल का स्वागत करें

नव वर्ष के दिन गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, धन और वस्त्र के साथ जरूरी चीजों का दान करें।

हिंदू नववर्ष के दिन ताम/सिक चीजों से दूर रहे। इस दिन सात्विक भोजन का ही सेवन करें।

जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।

गरीब लोगों या मंदिर में अन्न, धन और कपड़े समेत आदि चीजों का दान करें।

 

 

Related Posts