मिडिल ईस्ट में जारी संकट के बीच पेट्रोल और डीजल खत्म होने की अफवाहों से हड़कंप मच गया है। पंजाब भर में पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगी हुई है।वही पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में भारी कटौती की है। पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये और डीजल पर 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है। यह कटौती तुरंत लागू हो गई है।

केंद्र सरकार ने घटाई एक्साइज ड्यूटी

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी जंग में ऊर्जा संकट को देखते हुए मोदी सरकार का ये बड़ा कदम है.  केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह फैसला आम भारतीय नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों के उतार-चढ़ाव से राहत देगा। सरकारी तेल कंपनियों के रेट अब स्थिर रहेंगे,मोदी सरकार का यह फैसला फिलहाल आम जनता और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है. जिससे तेल कंपनियों और लोगों की जेब पर पड़ने वाला बोझ कम हो जाएगा। इसके कारण सरकारी तेल कंपनियों के घाटे के नियंत्रण हो सकता है।

इसके साथ ही अगर तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाते हैं तो इसका सबसे पहला और महत्वपूर्ण लाभ यह है कि पेट्रोल और डीजल सस्ते हो सकते हैं। ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की आधी आपूर्ति बाधित हुई है, लेकिन देश ने अगले 60 दिन के लिए अन्य स्रोतों से पर्याप्त कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित कर ली है.

चंडीगढ़ और मोहाली में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई बड़ी किल्लत नहीं है। पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं, स्थानीय मांग के आधार पर आपूर्तियों की समीक्षा की जा सकती है। वही देश में पेट्रोल की कीमतें अलग-अलग हैं, सबसे महंगा हैदराबाद में 107.46 रुपये और सबसे सस्ता चंडीगढ़ में 94.30 रुपये प्रति लीटर है।

 

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