शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी का दिन होता है। इस दिन माता की विशेष पूजा की जाती है। माता को धन की देवी कहा जाता है। वहीं हिन्दू धर्म में माता लक्ष्मी की पूजा आराधना बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है । माता लक्ष्मी की नित्य पूजा करने से जीवन में कभी भी आर्थि/क तं/गी नहीं आती है। कहते हैं कि अर्थ बिना सब व्यर्थ है। अर्थ यानी धन। इस युग में धन के बगैर काम नहीं चलता और धन की देवी है विष्णु प्रिया मां लक्ष्मी। यदि माता लक्ष्मी रूठ जाए तो फिर व्यक्ति कंगाल हो जाता है। ऐसे कई कारण हैं जिसके चलते माता लक्ष्मी रूठ जाती है। यदि आप भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं तो जानिए कि किस तरह माता लक्ष्मी को मनाएं, सबसे पहले जानते है माता के रुठने के क्या कारण है।
मां लक्ष्मी के रूठने के कारण
घर में गंदगी रखना, खुद भी गंदे रहना, घर की महिलाओं का अपमान करना, देवी देवताओं को नहीं पूजना, कड़वे वचन बोलते रहना, देर तक सोना, शरा/ब पीना, दान नहीं करना, कन्या भोज नहीं कराना, अन्न का अपमान करना, भोजन के नियम नहीं मानना, मेहमानों का अपमान करना, किचन वास्तु के अनुसार नहीं होना आदि कई कारणों से माता लक्ष्मी रूठ जाती हैं।
माता लक्ष्मी जी को खीर का भोग लगाएं
मां लक्ष्मी जी को खीर (चावल, दूध, शक्कर से बनी), नारियल, मखाना, कमल गट्टा, बताशे, सिंघाड़ा, पान, लौंग-इलायची और सफेद मिठाईयां बेहद प्रिय हैं, खासकर सफेद और पीले रंग के भोग, जो उन्हें धन, समृद्धि और शीतलता प्रदान करते हैं इसिलिए माता को इनका भोग लगाना बेहद जरुरी रहता है, इससे जल्दी ही माता प्रसन्न हो जाती है। माता को पानी वाला नारियल जरुर चढ़ाए, इससे भी माता जल्दी ही खुश होती है।
माता की विधिवत पूजा करें
शुक्रवार को लक्ष्मी नारायण मंदिर में जाकर मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें उन्हें कमल का फूल अर्पित करें। यदि मंदिर नहीं जा सकते हैं तो घर में भी विधिवत पूजा करें और उन्हें उनकी पसंद का भोग लगाएं। माता लक्ष्मी के साथ ही विष्णु, शालिग्राम और तुलसी की पूजा भी करें।
इसके साथ ही मां लक्ष्मी को मिश्री का भोग लगाने से माता की विशेष कृपा मिलती है। यदि आप चाहते हैं कि आप पर भी माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहे तो यहां जानिए मिश्री का एक सरल उपाय जिसे करने ने धन समृद्धि बनी रहेगी।

मिश्री का एक सरल उपाय
माता लक्ष्मी को मिश्री बहुत पसंद है। माता की विधिवत पूजा करने उन्हें बताशे, हलुआ और खीर के साथ ही मिश्री का भोग लगाए। प्रसाद के रूप में सभी को मिश्री चढाएं । इससे न सिर्फ आपकी मनोकामना पूर्ण होगी बल्कि मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी बना रहेगा। घर में किसी भी प्रकार से आर्थिक तंगी नहीं रहेगी। यदि आप नौकरी में किसी भी प्रकार की समस्या झेल रहे हैं तो मिश्री का भोग लगाकर उसे प्रसाद रूप में वितरण करने से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। यदि आप शनि के बुरे प्रभाव से परेशान हैं, तो प्रत्येक शनिवार के दिन शनि मंदिर में जाकर भगवान शनि की पूजा करने के बाद मिश्री के दाने को चीटियों को खिलाना चाहिए। मान्यता के अनुसार इस उपाय को करने से शनि दोष से भी राहत मिलती है और आर्थिक तंगी दूर होती है।
श्रीसूक्त का पाठ
प्रतिदिन घर में श्रीसूक्त का पाठ करें। प्रतिदिन नहीं कर सकते हैं तो प्रति शुक्रवार को इसका विधिवत पाठ करें। शुक्रवार के दिन सुबह उठते ही मां लक्ष्मी को नमन कर, स्नान कर स्वच्छ सफेद या गुलाबी वस्त्र धारण करें। इसके बाद श्रीयंत्र एवं मां लक्ष्मी के चित्र के सामने खड़े होकर श्री सूक्त का पाठ करें। फिर कमल का पुष्प मां लक्ष्मी को अर्पित करें।
शुक्रवार का व्रत करें : शुक्रवार का व्रत करें और इस दिन खटाई बिल्कुल न खाएं। सूर्यास्त के बाद भोजन कर सकते हैं। विधि विधान से व्रत का उद्यापन भी करें।
दान : किसी गरीब को शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्र दान करें और भोजन कराएं। इसके अलावा काली चींटियों शक्कर मिलाकर आटा और गाय को हरा चारा खिलाएं।
मंत्र : माता लक्ष्मी के मंत्र ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद। श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नमः॥… इस मंत्र की कमलगट्टे की माला से प्रतिदिन जप करने से लाभ होगा।
स्नान : नित्य अच्छे से नहाएं। शरीर को जरा भी गंदा न रखें। नहाते समय सुगन्धित इत्र या सेंट का उपयोग करें। पवित्र बने रहें।
अखंड ज्योत : मां लक्ष्मी की प्रतिमा के सामने 11 दिनों तक अखंड ज्योत (तेल का दीपक) प्रज्ज्वलित करें। 11वें दिन 11 कन्या को भोजन कराकर एक सिक्का व मेहंदी दें।
माता का भोग : शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी के मंदिर जाकर शंख, कौड़ी, कमल, मखाना, गन्ना, बताशा अर्पित करें। ये सब महालक्ष्मी मां को बहुत प्रिय हैं।
महालक्ष्मी का व्रत : प्रत्येक वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत होती है। साथ ही इसका समापन आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को किया जाता है। इस व्रत का विधिवत रूप से पालन करें।
शुक्रवार के दिन इन उपायों को जरूर आजमाएं
मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए शुक्रवार के दिन लक्ष्मी मंत्र ‘ॐ श्रीं श्रीये नम:’ का 108 बार जाप करें.
मान्यता है कि शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करने से भी लक्ष्मी मां जल्द प्रसन्न होती हैं.
शुक्रवार को शाम को गाय के घी का दीपक अवश्य जलाएं और दीपक में थोड़ा केसर अवश्य डालें.
शुक्रवार के दिन जरूरतमंद लोगों को सफेद रंग के कपड़े या चावल का दान में दें। इन उपायों को अपना कर आप माता की कृपा पा सकते है और अपने जीवन में खुशीयां ला सकते है।


