हर एक दिन किसी न किसी भगवान को समर्पित है। हिंदू मान्यता के अनुसार बुधवार का दिन रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश जी और बुध देवता की पूजा और व्रत के लिए समर्पित है. बुधवार पूजा करने के साथ ही यह भी मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ बुधवार का व्रत विधिपूर्वक करता है तो उसे भगवान गणेश और बुध देव की कृपा और शुभ फल प्राप्त होते है. बुधवार को व्रत को करने से करियर-कारोबार में सफलता से लेकर सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है, बुधवार व्रत हर अमिर गरीब व्यक्ति कर सकता हैं क्योंकि इसमें न विशेष खर्च की ,न दान पुण्य की और न विशेष समय की ही आवश्यकता हैं,आवश्यकता होती हैं केवल शुद्ध भावना की ।
बुधवार व्रत करने की इच्छा वाले स्त्री या पुरुष को बुधवार को प्रात: उठकर पवित्र जल से स्नान कर साफ कपड़े पहनें फिर गंध , पुष्प ,दीप , कपूर , कुंकुम और नैवैद्ध से भगवान गजानन्द की भक्तिपूर्वक पूजा करनी चाहिए | बुधवार के दिन व्रत वाले दिन साधक को हरे रंग के कपड़े पहनने का प्रयास करना चाहिए. भगवान गणेश को दूर्वा बहुत पसंद है। हिंदू मान्यता के अनुसार बुधवार के दिन गणपति को 21 गांठों वाली दूर्वा चढ़ाने शुभ फलों की प्राप्ति होती है. इसी प्रकार बुध देवता की पूजा में हरे रंग के वस्त्र चढ़ाकर उनके मंत्रों का जप करना चाहिए. पूजा के अंत में भगवान गणेश और बुध देवता की आरती करना न भूलें.
मान्यता के अनुसार बुधवार का व्रत कम से कम 21 या 45 रखना चाहिए । बुधवार का व्रत किसी भी हिंदी मास के शुक्लपक्ष के पहले बुधवार से शुरू करना चाहिए. यदि बुधवार को बुध का नक्षत्र पड़े तो और भी ज्यादा शुभ रहता है। बीच में कोई व्रत किसी कारण छूट या टूट जाए तो घबड़ाए नही। आगे उसे पूरा करते हुए सही विधि से उद्यापन करना चाहिए.


