पंजाब कैडर के पूर्व IAS अधिकारी KBS सिद्धू ने गोवा में आनंद मैरिज एक्ट, 1909 लागू करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत को संयुक्त पत्र लिखा है।
सिद्धू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 4 सितंबर 2025 के फैसले के बावजूद गोवा में आनंद मैरिज एक्ट लागू करने की अधिसूचना सार्वजनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने सरकार से जल्द अधिसूचना जारी करने और सभी राज्यों की विवाह संहिताओं में सिखों के आनंद कारज विवाह को स्पष्ट मान्यता देने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
सिद्धू ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आनंद मैरिज एक्ट, 1909 को गोवा तक विस्तारित करने के लिए चार महीने का समय दिया था। इसके बाद गोवा सरकार को पंजीकरण के नियम बनाने थे।
उन्होंने बताया कि सिक्किम के लिए अधिनियम के विस्तार की अधिसूचना जारी हो चुकी है, जो 1 जून 2026 से प्रभावी है।
गोवा में पंजीकरण व्यवस्था का मुद्दा
KBS सिद्धू के अनुसार, गोवा की विवाह पंजीकरण व्यवस्था और आनंद मैरिज एक्ट के प्रावधानों में अंतर है। उन्होंने कहा कि इस वजह से सिख दंपतियों को परेशानी हो सकती है।
उन्होंने मांग की कि आनंद कारज विवाह के लिए स्पष्ट पंजीकरण प्रक्रिया बनाई जाए और एक ही पंजीकरण पर्याप्त हो।
सिद्धू ने कहा कि उत्तराखंड और असम की विवाह संहिताओं में आनंद कारज को मान्यता दी गई है। उन्होंने मांग की कि अन्य राज्यों की संहिताओं में भी इसका स्पष्ट उल्लेख किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पत्र उन्होंने किसी राजनीतिक दल या संगठन की ओर से नहीं, बल्कि एक नागरिक के रूप में लिखा है।


