पाकिस्तान में आज अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को आगे बढ़ाने के साथ साथ शांति वार्ता पर एतिहासिक बैठक होने वाली है। हालांकि ईरान ने बातचीत शुरू करने से पहले लेबनान में युद्धविराम की शर्त रखी थी लेकिन फिलहाल वो विवाद साइड रख दिया गया है। मध्य पूर्व में जारी संकट के बीच 14 दिनों के सीजफायर के बाद आज इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिमंडल सीजफायर पर शांति वार्ता के लिए पहुंच गए है. ईरान से सीजफायर पर बातचीत करने के लिए अमेरिकी डेलिगेशन पाकिस्तान पहुंच चुका है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इसका नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें रिसीव करने आर्मी चीफ आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और मोहसिन नकवी एयरपोर्ट पहुंचे।
ईरान का डेलिगेशन अमेरिका के साथ शांति पर बातचीत के लिए शुक्रवार देर रात पाकिस्तान पहुंचा। इसकी अगुआई ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ कर रहे हैं।पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर शुक्रवार रात ईरानी डेलिगेशन को रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे।
“मिनाब 168” प्लेन से ईरानी डेलीगेशन इस्लामाबाद पहुंचा
शांति वार्ता के लिए जो ईरानी डेलिगेशन इस्लामाबाद आया वो मिनाब 168 नाम के प्लेन से आया है जानकारी के मुताबित 28 फऱवरी को ईरान के मिनाब शहर के एक स्कूल में अमेरिका और ईजरायल के संयुक्त हमलों में इस स्कूल को निशाना बनाया था जिसमें कई बच्चों की जान चली गई थी। ईरान केसंसद के स्पीकर बाघेर गालिबाफ जिस “मिनाब 168” फ्लाइट से आए है उसमें 4 बच्चों की तस्वीर चार सीटों पर रखी गई है जिसके साथ बच्चों के खून से सने बैग और खून लगे जूते रखें है। साथ में सफेद रंग के फूल रखे है। गालिबाफ ने इस्लामाबाद पहुंचने के बाद एक्स पर एक फोटो शेयर की।
सुरक्षा को लेकर इस्लामाबाद की सड़कों पर आज सन्नाटा छाया हुआ है। सुरक्षा बलों ने ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत से पहले शहर के कई अहम रास्तों को सील कर दिया। औपचारिक बातचीत शुरु होने से पहल अमेरीका और ईरान के डेलिगेशन अलग अलग पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात करेगें।
बातचीत को लेकर समय में परिर्वतन किया गया है अब यह बातचीत दोपहर बाद शुरु होगी। पहले यह बातचीत सुबह 8 बजें होने वाली थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकी
वही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी हरकतों से बाद नही आ रहे है वो बार बार ईरान को धमकी दिए जा रहें उन्होंने कहा है कि ईरान के पास थोड़े समय के लिए समुद्री रास्तों पर जबरदस्ती वसूली करने के अलावा कोई दांव नहीं है। उन्होंने यह भी धमकी दी कि वे इसलिए जिंदा हैं, ताकि बातचीत कर सकें। ट्रम्प ने इससे पहले भी होर्मुज को लेकर ईरान को हमले की चेतावनी दी थी। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान के पास ‘कोई कार्ड नहीं है’, यानी उसके पास दबाव बनाने के लिए ज्यादा विकल्प नहीं हैं। ईरान की एकमात्र रणनीति है और अब उसे बातचीत के जरिए ही आगे बढ़ना होगा।


