चंडीगढ़, 14 मई 2026: पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने विधानसभा चुनावों से ठीक पहले पंजाब में शुरू की जा रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों में दस महीने से भी कम समय बचा होने पर ऐसी प्रक्रिया शुरू करना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर संदेह पैदा करता है।
रंधावा ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से पूछा कि SIR केवल पंजाब में ही क्यों लागू किया जा रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को इससे बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि यदि उद्देश्य पारदर्शी और त्रुटिरहित वोटर सूची बनाना था, तो यह प्रक्रिया चुनावों के बाद भी की जा सकती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्र सरकार के प्रभाव में चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। रंधावा ने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल में भी वोटर सूचियों को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं और बड़ी संख्या में लोगों को मतदान अधिकार से वंचित किए जाने के आरोप लगे हैं।
सांसद रंधावा ने चेतावनी दी कि पंजाब में किसी भी असली मतदाता का नाम वोटर सूची से हटाने या उसे मतदान से रोकने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी गांव-गांव और शहर-शहर जाकर यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी योग्य मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रहे।
उन्होंने सभी विपक्षी दलों से भी अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर पंजाब के मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हों।


