हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज हरियाणा देश का स्पोर्ट्स पावरहाउस बन चुका है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित स्पोर्ट्स फिटनेस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपो को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की आबादी देश की कुल आबादी का केवल 2 प्रतिशत है, लेकिन ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में सबसे अधिक पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में हरियाणा का सबसे बड़ा योगदान है।

हरियाणा का खेल मॉडल बना मिसाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक्सपो सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों और संकल्पों का मंच है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसे अभियानों ने खेलों को नई पहचान दी है। अब खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण का मजबूत माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पहचान सिर्फ पदकों से नहीं, बल्कि उसके सफल खेल मॉडल से भी है।

खिलाड़ियों को मिल रही रिकॉर्ड आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार खिलाड़ियों को हर स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है। ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को 6 करोड़ रुपये तक का नकद पुरस्कार दिया जा रहा है। पिछले 12 वर्षों में 17,182 खिलाड़ियों को करीब 730 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे गए हैं।

युवा खिलाड़ियों के लिए भी सरकार विशेष योजनाएं चला रही है। 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1,500 रुपये और 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2,000 रुपये मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके अलावा 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां भी दी गई हैं।

खेल सुविधाओं का लगातार विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 2,000 खेल नर्सरियां और 25 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं। यहां खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर कोचिंग और प्रतिदिन 500 रुपये का डाइट भत्ता दिया जा रहा है। पिछले 12 वर्षों में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 1,100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, पंचकूला में 10 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर भारत का पहला अत्याधुनिक वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किया गया है।

नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि वह हर महीने युवाओं के साथ मैराथन में हिस्सा लेते हैं। हाल ही में यमुनानगर में आयोजित मैराथन में करीब एक लाख युवाओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और नशा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

युवाओं को दिया बड़ा लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब देश का युवा स्वस्थ, फिट और आत्मविश्वासी होगा। उन्होंने बताया कि जींद की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा को आगामी राष्ट्रमंडल और ओलंपिक खेलों के लिए नई पीढ़ी तैयार करने का लक्ष्य दिया है। यह हरियाणा की खेल क्षमता पर प्रधानमंत्री के विश्वास का प्रमाण है।

शायरी से बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा—

“हार से मत घबराना और जीत से मत इतराना।
हर दिन खुद को कल से बेहतर बनाना।
मेडल तो मेहनत का एक छोटा सा सम्मान है,
असली खिलाड़ी वही है, जिसका लक्ष्य हिंदुस्तान है।”

इस अवसर पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, दिल्ली के खेल मंत्री आशीष सूद, बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

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