हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की 22 से 24 अक्टूबर तक प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य हड़ताल के दौरान मरीजों को इलाज में परेशानी से बचाना और आपातकालीन सेवाएं चालू रखना है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों को अस्पतालों में बिजली का वैकल्पिक प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा है।

सभी स्वास्थ्य संस्थानों में जनरेटर तैयार रखने और जरूरत पड़ने पर किराये पर लेने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली से जुड़ी समस्या का तुरंत समाधान करने के लिए इलेक्ट्रीशियन की 24 घंटे उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी। हर संस्थान में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।

विभाग ने वैक्सीन और तापमान के प्रति संवेदनशील दवाओं को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। इसके साथ ही एंबुलेंस की उपलब्धता और आपातकालीन इलाज की व्यवस्था भी हर समय बनाए रखनी होगी।

जरूरत पड़ने पर दूसरे स्वास्थ्य संस्थानों और निजी अस्पतालों के साथ समन्वय किया जाएगा। निजी अस्पतालों को भी बिजली बैकअप की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक इंतजामों के लिए जरूरत पड़ने पर यूजर मनी फंड का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

 

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