भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीनों अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि वह टीम को मजबूत स्थिति में छोड़कर अब फिर से खेल के प्रति अपने प्यार के लिए खेलना चाहती हैं।
हरमनप्रीत कौर ने अपने संदेश में लिखा कि यह फैसला उनके लिए बेहद भावुक करने वाला है। उन्होंने भारतीय टीम के लिए अपना खून-पसीना बहाया और कई बार अपनी निजी प्राथमिकताओं को भी पीछे रखा। उनके लिए हमेशा टीम सबसे पहले रही।
उन्होंने कहा कि कप्तान के तौर पर उन्हें कई बड़े फैसले लेने पड़े, जिन्हें हर कोई नहीं समझ पाया। इस सफर में उन्होंने मुश्किल दौर, दिल तोड़ने वाली हार, आलोचनाएं और कई सवालों का सामना किया। इसके बावजूद देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व और जीत की खुशी उनके लिए हमेशा यादगार रहेगी।
हरमनप्रीत ने कहा कि वह भावुक मन से कप्तानी छोड़ रही हैं, लेकिन उन्हें संतोष है कि टीम मजबूत हाथों में है और भारतीय महिला क्रिकेट का भविष्य शानदार दिखाई दे रहा है।
हरमनप्रीत ने 2012 में पहली बार भारतीय टी20 टीम की कप्तानी की थी। 2018 में उन्होंने मिताली राज से कप्तानी संभाली और उसी साल टी20 विश्व कप में भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाया। 2020 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित टी20 विश्व कप में उनकी अगुवाई में भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची थी।
उनकी कप्तानी छोड़ने के फैसले के बीच स्मृति मंधाना का नाम भी चर्चा में है। मंधाना ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को महिला प्रीमियर लीग (WPL) का खिताब दिलाकर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है।

हालांकि, कप्तानी छोड़ने का मतलब यह नहीं है कि हरमनप्रीत क्रिकेट से दूर हो जाएंगी। वह घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में खेलना जारी रख सकती हैं और आगामी महिला प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस की कप्तानी करते हुए खिताब जीतने की कोशिश करेंगी।


