G7 समिट फ्रांस के एवियन शहर में हो रही है। G7 समिट के आउटरीच सेशन में पीएम मोदी, ट्रम्प समेत 12 देशों के नेता शामिल हुए। पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस के एवियन में चल रहे 52वें G7 समिट के वर्किंग सेशन में हिस्सा लिया।
समिट के पहले दिन मंगलवार को PM मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा उठाया था। आउटरीच सेशन में उन्होंने कहा था कि इस अहम समुद्री मार्ग में कई भारतीयों ने जान गंवाई है और वैश्विक व्यापार को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है। पीएम मोदी ने वर्किंग सेशन के दौरान इटील की पीएम मेलोनी से चर्चा की।
PM मोदी ने कहा- वेस्ट एशिया में संकट की वजह से फ्यूल, फर्टिलाइजर और फूड सप्लाई चेन में आई रुकावटों का असर ग्लोबल साउथ (दक्षिणी देशों) पर काफी समय तक रहेगा। उन्होंने कहा- अगर हम सच में अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को मजबूत करना चाहते हैं तो सबसे कमजोर देशों को इन संकटों का बोझ अकेले नहीं उठाना चाहिए। आज कई समाज बूढ़े होते जा रहे हैं, जबकि भारत और ग्लोबल साउथ के दूसरे देशों में युवा टैलेंट, एंटरप्रेन्योरशिप और स्किल्स की भरमार है।
वर्किंग सेशन में आज बुधवार कोअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प देरी से पहुंचे। जैसे ही ट्रम्प अंदर आते हैं, उन्होने कहा “आई एम द बॉस। आज शाम 5.50 बजे PM मोदी और ट्रम्प की मुलाकात होगी। मीटिंग में पश्चिम एशिया के हालात, होर्मुज स्ट्रेट और अमेरिका से ऊर्जा आयात जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी.


