मंगलवार हनुमान जी की आराधना का दिन होता है। प्रभु हनुमान की पूजा करने से भक्तों के सारे संकट मिट जाते हैं। प्रभु हनुमान को कई नामों से पुकारा जाता है । हनुमान जी को संकटमोचन भी कहा जाता है और इनको परम शक्तिमान भी कहा गया है। हनुमान जी अपने भक्तों के सभी संकटों को दूर कर देते हैं इसी कारण उन्हें संकटमोचन कहा जाता है।
जैसा की हनुमान जी को कई नामों से जाना जाता है और उनके ये नाम उनकी किसी न किसी विशेषता को दर्शाते हैं। हनुमान जी का एक और लोकप्रिय नाम है ‘बजरंगबली’ जिनके पूजा से बड़े से बड़ा भय भी दूर हो जाता है। हनुमान जी के नामों में से लोगों के बीच सबसे लोकप्रिय नाम है ‘बजरंगबली’। हनुमान जी को ये नाम मिलने के पीछे अलग-अलग पौराणिक किस्से प्रसिद्ध हैं। लेकिन जैसा कि हनुमान जी के सभी नाम का कुछ-न-कुछ अर्थ है जो उनकी विशेषता से जुड़ा है, उसी प्रकार उनके बजरंगबली नाम का भी एक अर्थ है, जो उनकी विशेषता को बतलाता है। तो आइये समझते हैं इस नाम का अर्थ और महत्व..
बजरंगबली नाम का अर्थ क्या है?
बजरंगबली नाम का अर्थ है – जिसके अंग वज्र जैसे कठोर हैं और जो अपार बल से युक्त है, यही हनुमान जी की पहचान है।
गोस्वामी तुलसीदास ने जब श्री रामचरितमानस लिखी, तब उन्होंने पहली बार हनुमान जी को ‘बजरंग’ नाम से संबोधित किया।
मान्याताओं के अनुसार, बजरंगबली की आराधना शीघ्र ही फल दायी होती है। कहा जाता है कि हनुमान जी के नाम मात्र का उच्चारण करने से ही व्यक्ति को सांसारिक सुखों को प्राप्त कर सकता है। हनुमान जी को बजरंगबली, अंजनी पुत्र, पवन पुत्र, रामभक्त जैसे अनेकों नामों से जाना जाता है।

मारुती नंदन नाम क्यों पड़ा
पौराणिक कथा के अनुसार, हनुमान जी के बचपन का नाम मारुती था। एक दिन मारुती नंदन को तीव्र भूख लगी और उन्होंने सूर्यदेव को एक लाल फल समझकर निगल लिया। सूर्यदेव को मुक्त कराने के लिए देवराज इंद्र ने वज्र से हनुमान जी के मुख पर प्रहार किया। इस प्रहार से हनुमान जी की ठुड्डी टेढ़ी हो गई। इंद्र के इस कृत्य से पवनदेव बहुत क्रोधित हुए और उन्होंने संसार में वायु का प्रवाह रोक दिया। इससे पृथ्वी पर हाहाकार मच गया। सभी देवताओं ने मिलकर पवनदेव को शांत किया और बाल हनुमान को पहले जैसा कर दिया। देवताओं ने हनुमान जी को अनेक वरदान दिए। देवताओं के वरदान के बाद भी हनुमान जी की ठुड्डी टेढ़ी ही रह गई। इसीलिए उन्हें हनुमान नाम दिया गया। ‘हनु’ शब्द का अर्थ होता है ठोड़ी और ‘मान’ का अर्थ होता है हुआ। यानी जिसकी ठोड़ी टेढ़ी हो गई हो
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार
रामायण में हनुमान जी के बारे में जो उल्लेख मिलता है उसके अनुसार हनुमान वानर के मुंह वाले अत्यंत बलशाली पुरुष हैं. जिनका शरीर वज्र के समान है. वे कंधे पर जनेऊ धारण करते हैं, उनके सिर पर स्वर्ण मुकुट और हाथों में गदा रखते हैं. वाल्मीकि रामायण में उल्लेख मिलता है कि इस पृथ्वी पर जिन सात लोगों को अमृतत्व प्राप्त है, उनमें कलयुग के देवता हनुमान का नाम भी शामिल है. मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों के सभी कष्टों का नाश होता है। इसके लिए भक्त विशेष पूजा अर्चना करते है और व्रत भी रखते है तो इन नामो का जाप करते हुए आप भी प्रभु हनुमान की पूजा करिए और उनकी विशेष कृपा पाइये।


